Divyanshi Choudhary: ‘3 महीने कैंप में पसीना बहाया’, एशियन गेम्स से पहले नाम हटने का दावा; कोटा की बेटी का छलका दर्द
खबर का सारांश
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम के चयन को लेकर विवाद सामने आया है। राजस्थान के कोटा की खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि तीन महीने तक कैंप में अभ्यास करने के बाद अंतिम समय में उनका नाम टीम से हटा दिया गया। दिव्यांशी ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाते हुए फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, वह ट्रायल में पहले स्थान पर रही थीं। इसके बावजूद ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ी को दोबारा मौका दिया गया और बाद में उसका चयन कर लिया गया।
तीन महीने कैंप में अभ्यास के बाद नाम हटाने का दावा
दिव्यांशी चौधरी के मुताबिक, उन्होंने एशियन गेम्स की तैयारी के लिए करीब तीन महीने तक कैंप में लगातार अभ्यास किया। उनका दावा है कि ट्रायल में वह पहले स्थान पर रही थीं। इसके बाद भी अंतिम टीम में उनका नाम नहीं रखा गया।
दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ी को दोबारा मौका दिया गया। उनके अनुसार, इसके बाद उसी खिलाड़ी का टीम में चयन किया गया। दिव्यांशी ने चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फेडरेशन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
चोट के बावजूद जारी रखी ट्रेनिंग
दिव्यांशी ने अपने वीडियो में कैंप के दौरान मानसिक परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें चोट भी लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास जारी रखा।
उनका कहना है कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए उन्होंने पूरी मेहनत की। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन को लेकर बनी परिस्थितियों ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। वीडियो में दिव्यांशी भावुक नजर आईं और उन्होंने अपने माता-पिता से फेडरेशन के खिलाफ कार्रवाई की अपील भी की।
जापान भेजी गई टीम सूची में नाम होने का दावा
दिव्यांशी के अनुसार, भारतीय टीम की अंतिम सूची जापान भेजी जा चुकी थी। उनका दावा है कि उस सूची में उनका नाम शामिल था।
उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को भारत सरकार की ओर से खिलाड़ियों को किट वितरण किया गया था। उस दौरान भी वह भारतीय टीम के साथ मौजूद थीं। इसके बाद गुरुवार रात करीब 8 बजे उन्हें टीम से नाम हटाए जाने की जानकारी मिली। दिव्यांशी के मुताबिक, टीम के सोमवार को रवाना होने से कुछ दिन पहले यह फैसला लिया गया।
चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
दिव्यांशी के वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय वुशु टीम के चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खिलाड़ी ने अपने दावों के आधार पर फेडरेशन की चयन प्रक्रिया पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
मामले में अब चयन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि दिव्यांशी के दावों की जांच होती है तो ट्रायल के परिणाम, कैंप की प्रक्रिया और अंतिम टीम सूची जैसे दस्तावेज अहम हो सकते हैं। फिलहाल उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जूनियर वर्ल्ड में कांस्य, चीन में जीता सिल्वर
दिव्यांशी चौधरी 60 किलो वर्ग में सांदा स्पर्धा में हिस्सा लेती हैं। वह इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीत चुकी हैं।
2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में उन्होंने 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता था। जून 2026 में चीन में आयोजित मेंबर वुशु टूर्नामेंट में भी उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया। दिव्यांशी 2017 से कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी में ट्रेनिंग कर रही हैं। राजस्थान के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताओं में उन्होंने 12 गोल्ड मेडल जीतने का दावा किया है।
19 सितंबर से शुरू होंगे एशियन गेम्स
20वें एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में होना है। वुशु प्रतियोगिताएं 20 से 24 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी।
भारतीय वुशु टीम में कुल सात खिलाड़ी शामिल बताए गए हैं। इनमें तीन पुरुष और चार महिला खिलाड़ी हैं। पुरुष वर्ग में सूरज सिंह मायांगलंबम, आर्यन और विक्रांत बलियान शामिल हैं। महिला वर्ग में न्येमान वांगसू, अपर्णा, रोशीबीना देवी और लैंगलेंटोम्बी देवी हंजाबम के नाम हैं।