Rajasthan News: ‘टॉयलेट में मिला लावारिस फोन, मुझ पर झूठा केस’, पूर्व विधायक बलजीत यादव जेल में भूख हड़ताल पर
खबर का सारांश
बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव जयपुर सेंट्रल जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मोबाइल बरामदगी की एफआईआर को बेबुनियाद बताया है। बलजीत यादव के अनुसार, जेल में एक लावारिस मोबाइल मिला था, लेकिन उसे उनके नाम से जोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में उनकी कोई तलाशी या बैरक की चेकिंग नहीं हुई। उनके समर्थक संदीप यादव ने 11 सितंबर को राजस्थान पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में सीसीटीवी फुटेज की जांच सहित चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
मोबाइल बरामदगी के केस को बताया राजनीतिक साजिश
बलजीत यादव ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार 9 सितंबर को उनके खिलाफ मोबाइल मिलने का मुकदमा दर्ज किया गया। पूर्व विधायक का दावा है कि यह एफआईआर पूरी तरह बेबुनियाद है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के पीछे राजनीतिक दबाव और उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। बलजीत यादव के मुताबिक, न तो उनकी तलाशी ली गई और न ही उनके बैरक की जांच हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बलजीत का दावा- टॉयलेट में लावारिस पड़ा था फोन
पूर्व विधायक के अनुसार, जिस समय मोबाइल मिलने की बात कही जा रही है, उस दौरान वह जेल के डॉक्टर करण के पास थे। उन्होंने बताया कि वह अपना ब्लड प्रेशर और शुगर चेक करवा रहे थे।
बलजीत यादव का दावा है कि मोबाइल वार्ड नंबर 5 के पीछे बनी गली के पास सार्वजनिक शौचालय में लावारिस हालत में मिला था। उन्होंने कहा कि इस फोन से उनका कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, बिना जब्ती और तलाशी के उनका नाम मामले में जोड़ दिया गया।
DGP को पत्र भेजकर CCTV जांच की मांग
बलजीत यादव के निर्देश पर उनके समर्थक और ‘टीम बलजीत यादव’ के प्रवक्ता संदीप यादव ने 11 सितंबर को DGP को पत्र भेजा। पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
पहली मांग में जयपुर सेंट्रल जेल परिसर, अस्पताल मार्ग और टॉयलेट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांचने की बात कही गई है। दूसरी मांग में 9 सितंबर को संबंधित समय पर बलजीत यादव की अस्पताल में मौजूदगी की पुष्टि करने को कहा गया है।
अन्य बंदियों के बयान और FIR की जांच की मांग
पत्र में घटना के समय अस्पताल और कान्हा गार्डन के पास मौजूद अन्य बंदियों के बयान दर्ज करने की मांग भी की गई है। समर्थकों का कहना है कि इन बयानों से घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
चौथी मांग एफआईआर संख्या 0191/2026 की निष्पक्ष जांच से जुड़ी है। पत्र में इसे राजनीतिक विद्वेष से जुड़ा मामला बताते हुए राहत की मांग की गई है। हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों और बलजीत यादव के दावों के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी।
जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
बलजीत यादव ने जेल प्रशासन को लिखित सूचना देकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उनके समर्थक संदीप यादव के अनुसार, पूर्व विधायक ने निष्पक्ष जांच शुरू होने तक अनशन जारी रखने की बात कही है।
बलजीत यादव इससे पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध के अनोखे तरीकों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब जेल के अंदर उनके अनशन से मामला और गंभीर हो गया है। जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक कार्रवाई या प्रतिक्रिया की जानकारी सामने आना बाकी है।
निकाय चुनाव के बीच बढ़ी सियासी हलचल
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों से पहले बलजीत यादव के इस विवाद ने बहरोड़ और अलवर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनके समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समर्थकों का आरोप है कि बलजीत यादव को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, पूरे मामले में जेल प्रशासन और जांच एजेंसियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो सकता है कि मोबाइल कहां मिला और वह पूर्व विधायक तक कैसे पहुंचा।