#क्राइम #राज्य-शहर #सोशल

अलवर अस्पताल में संविदा वार्ड बॉय पर शराब पीकर ड्यूटी करने का आरोप, कर्मचारी महासंघ ने दिया ज्ञापन

खबर का सारांश

अलवर के सामान्य चिकित्सालय में संविदा वार्ड बॉय पर नाइट ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने का आरोप लगा है। मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के बाद पुलिस को सूचना देकर कर्मचारी का मेडिकल कराया गया। कर्मचारी को शहर कोतवाली पुलिस ने रात में गिरफ्तार किया और अगले दिन एडीएम के समक्ष पेश किया। बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ ने मामले को लेकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

नाइट ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने का आरोप

राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष पुष्पराज शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन दिया। महासंघ के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को संविदा वार्ड बॉय मुरली सेन नाइट ड्यूटी के दौरान वार्ड में शराब के नशे में पहुंचा। ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर ने इसकी लिखित शिकायत अस्पताल प्रशासन को दी। इसके बाद मामले की जानकारी शहर कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने रात में ही कर्मचारी का मेडिकल कराया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

एडीएम के सामने पेशी, जमानत पर रिहाई

महासंघ के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के बाद वार्ड बॉय को अगले दिन एडीएम के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। कर्मचारी महासंघ ने इस मामले को अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की देखभाल से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। महासंघ का कहना है कि नाइट ड्यूटी के दौरान इस तरह की स्थिति अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

पहले भी छेड़खानी का आरोप लगने की बात

कर्मचारी महासंघ ने अपने ज्ञापन में दावा किया है कि संबंधित संविदा कर्मचारी को पूर्व में महिला से छेड़खानी के आरोप में नौकरी से हटाया जा चुका है। महासंघ का सवाल है कि पहले कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी को दोबारा संविदा पर अस्पताल में जिम्मेदारी कैसे दी गई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी को हाईटेक आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में नाइट ड्यूटी पर लगाया गया। यहां गंभीर मरीजों का उपचार किया जाता है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

महासंघ ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि संवेदनशील वार्ड में ड्यूटी लगाने से पहले कर्मचारियों के आचरण और पूर्व शिकायतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। महासंघ के अनुसार, गंभीर मरीजों वाले वार्ड में ड्यूटी के दौरान लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। इसी वजह से संगठन ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अस्पताल प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि कर्मचारी को संवेदनशील वार्ड में ड्यूटी क्यों दी गई।

कर्मचारी महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन देकर संबंधित संविदा कर्मचारियों को जल्द हटाने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को शीघ्र नहीं हटाया गया तो जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *