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जयपुर एयरपोर्ट पर रनवे छूते ही फिर उड़ा विमान, 20 मिनट तक हवा में रहा; जानें पूरा मामला

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर इंडिगो की फ्लाइट को लैंडिंग के दौरान गो-अराउंड करना पड़ा। उदयपुर से जयपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-7516 ने रनवे पर टचडाउन के तुरंत बाद लैंडिंग रोक दी। पायलट ने विमान को दोबारा हवा में उठाया और करीब 20 मिनट तक जयपुर के आसमान में उड़ान जारी रखी। विमान में 39 यात्री और 4 क्रू मेंबर समेत कुल 43 लोग सवार थे। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद विमान ने दोबारा लैंडिंग की और करीब 1:02 बजे सुरक्षित रूप से जयपुर एयरपोर्ट पर उतर गया।

रनवे छूते ही पायलट ने लिया गो-अराउंड का फैसला

घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:42 बजे की बताई जा रही है। उदयपुर से जयपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट लैंडिंग के लिए रनवे पर पहुंची थी।

विमान ने रनवे को छुआ ही था कि पायलट ने लैंडिंग जारी रखने के बजाय गो-अराउंड का फैसला लिया। इसके बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से विमान में बैठे यात्रियों को कुछ देर के लिए चिंता का सामना करना पड़ा।

विमान में 43 लोग थे सवार

इंडिगो की फ्लाइट 6E-7516 में कुल 43 लोग सवार थे। इनमें 39 यात्री और 4 क्रू मेंबर शामिल थे।

फ्लाइट अपने निर्धारित समय दोपहर 12:50 बजे के आसपास जयपुर पहुंचने वाली थी। हालांकि, लैंडिंग के दौरान गो-अराउंड के कारण विमान को कुछ समय अतिरिक्त हवा में रहना पड़ा।

करीब 20 मिनट तक जयपुर के आसमान में रहा विमान

गो-अराउंड के बाद विमान ने जयपुर के ऊपर करीब 20 मिनट तक अतिरिक्त उड़ान भरी। इस दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट से जुड़ी टीमें स्थिति पर नजर बनाए रहीं।

पायलट ने परिस्थितियों का आकलन करने के बाद दोबारा लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान ने करीब 1:02 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

गो-अराउंड क्यों किया गया? वजह अभी स्पष्ट नहीं

प्रारंभिक जानकारी में अनस्टेबल अप्रोच, हवा की स्थिति या किसी अन्य ऑपरेशनल कारण की संभावना बताई जा रही है। हालांकि, गो-अराउंड की वास्तविक और आधिकारिक वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में घटना के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

क्या होता है गो-अराउंड?

गो-अराउंड एविएशन में इस्तेमाल होने वाली एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है। यदि लैंडिंग के दौरान पायलट को लगता है कि विमान सुरक्षित तरीके से उतरने की स्थिति में नहीं है, तो लैंडिंग रोककर दोबारा उड़ान भरने का फैसला लिया जा सकता है।

यह फैसला विमान की गति, ऊंचाई, हवा, रनवे की स्थिति या अन्य ऑपरेशनल परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। इसका उद्देश्य जोखिम लेने के बजाय सुरक्षित लैंडिंग का नया प्रयास करना होता है।

रनवे टचडाउन के बाद दोबारा उड़ना यात्रियों के लिए डरावना

विमान के रनवे को छूने के बाद अचानक दोबारा हवा में उठने से यात्रियों को यह घटनाक्रम असामान्य और डरावना लगा। हालांकि, विमान ने बाद में सुरक्षित लैंडिंग की।

गो-अराउंड के दौरान पायलट का प्राथमिक उद्देश्य विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाना और परिस्थितियां अनुकूल होने पर दोबारा लैंडिंग करना होता है। इस मामले में भी विमान ने करीब 20 मिनट बाद सुरक्षित लैंडिंग की।

जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा टीमें रहीं अलर्ट

गो-अराउंड की जानकारी मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट से जुड़ी टीमें सतर्क हो गईं। विमान की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।

बाद में विमान के सुरक्षित उतरने के साथ ही स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने ली राहत की सांस

करीब 20 मिनट हवा में रहने के बाद इंडिगो की फ्लाइट ने जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली।

घटना के पीछे की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हालांकि, एविएशन सुरक्षा के लिहाज से गो-अराउंड का फैसला पायलट द्वारा जोखिम कम करने के लिए लिया जाने वाला सुरक्षा कदम है।

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Stv News Rajasthan

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