Jaipur Nikay Chunav: जयपुर में 25 सितंबर तक विजय जुलूस पर रोक, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
जयपुर नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश के मुताबिक 13 से 25 सितंबर तक किसी भी प्रत्याशी या समर्थक को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष भी जीत के बाद जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। पुलिस ने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
25 सितंबर तक विजय जुलूस पर पूरी तरह रोक
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) राजीव पचार ने निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया है। इसके तहत जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 13 सितंबर से 25 सितंबर तक विजय जुलूस प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों की भीड़ और जश्न के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने, इसके लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
आदेश का दायरा निर्वाचित पार्षदों के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर भी लागू होगा।
चुनाव की पूरी टाइमलाइन पर पुलिस की नजर
जयपुर नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 11 सितंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी। अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 22 सितंबर को प्रस्तावित है।
ऐसे में परिणाम से लेकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव तक का समय कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने इसी अवधि को ध्यान में रखते हुए विजय जुलूस पर रोक लगाने का फैसला किया है।
2,256 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा का इंतजाम
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 551 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 9 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
सामान्य मतदान केंद्रों पर दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि संवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए पांच पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
प्रचार थमा, अब डोर-टू-डोर संपर्क
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए बुधवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। इसके साथ ही रैली, रोड शो, सार्वजनिक सभा और अन्य प्रचार गतिविधियों पर रोक लग गई। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंकी।
अब प्रत्याशी सार्वजनिक प्रचार के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दे रहे हैं। डोर-टू-डोर जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का फोकस बूथ मैनेजमेंट तथा समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर रहेगा।
दो पारियों में रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
जयपुर नगर निगम क्षेत्र के मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी दो पारियों में की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान दल निर्धारित व्यवस्था के तहत मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे।
मतदान दलों को ईवीएम, मतदान सामग्री और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें मतदान प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम जानकारी और निर्देश भी दिए जाएंगे। सीकर रोड स्थित भिवानी निकेतन कॉलेज से मतदान दलों को रवाना करने की व्यवस्था की गई है।
मानसरोवर में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए जयपुर साउथ पुलिस ने भी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देना रहा।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के नेतृत्व में पुलिस बल ने क्षेत्र में मार्च किया। इस दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
मतदाताओं से बिना डर वोट डालने की अपील
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों से बिना किसी डर या दबाव के मतदान करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारियों की समीक्षा की।
जयपुर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती और संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी के जरिए प्रशासन ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की है। वहीं, मतदान के बाद विजय जुलूस पर रोक को भी इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
जीत के बाद जश्न पर भी पुलिस की नजर
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान और मतगणना के बाद विजेता प्रत्याशियों के समर्थकों में जश्न का माहौल बन सकता है। ऐसे में पुलिस ने पहले ही विजय जुलूस पर रोक का आदेश जारी कर दिया है।
अब चुनाव परिणाम के बाद प्रत्याशियों और समर्थकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य चुनावी नतीजों के बाद किसी भी तरह के विवाद, भीड़ या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकना है।