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अलवर नगर निगम चुनाव: आखिरी रात तक मान-मनुहार, बूथ मैनेजमेंट पर प्रत्याशियों का फोकस


अलवर नगर निगम चुनाव में मतदान से एक दिन पहले प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में पूरी ताकत झोंक दी। सुबह से देर रात तक वार्डों में घर-घर संपर्क, मतदाता पर्चियां बांटने और वोटरों को मतदान के लिए मनाने का दौर चलता रहा। प्रत्याशियों के कार्यालयों में वोटर लिस्ट की जांच से लेकर बूथ एजेंटों की ड्यूटी तय करने तक की तैयारियां जारी रहीं। बाहर रहने वाले मतदाताओं से फोन पर संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए अलवर आने का आग्रह भी किया गया।

सुबह से देर रात तक घर-घर संपर्क

मतदान से ठीक एक दिन पहले प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया। प्रत्याशी खुद मतदाताओं के घर पहुंचे, वहीं कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टीमें भी मोहल्लों और कॉलोनियों में संपर्क करती रहीं।

अंतिम दिन का पूरा फोकस उन मतदाताओं पर रहा, जो अभी तक किसी प्रत्याशी के पक्ष में पूरी तरह तय नहीं माने जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत संपर्क के जरिए उन्हें मतदान के दिन बूथ तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की।

चुनाव कार्यालयों में दिनभर चलता रहा मंथन

वार्डों में जनसंपर्क के साथ प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर भी दिनभर गतिविधियां जारी रहीं। कहीं वोटर लिस्ट में नाम और बूथ की जानकारी जांची गई तो कहीं मतदान पर्चियां तैयार कर कार्यकर्ताओं के जरिए घरों तक पहुंचाई गईं।

बूथ पर बैठने वाले कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने और उनकी जिम्मेदारियां तय करने का काम भी देर रात तक चलता रहा। मतदान के दिन मतदाताओं को केंद्र तक पहुंचने में मदद के लिए ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

वोटर लिस्ट से लेकर सोशल मीडिया तक नजर

शहर के अलग-अलग वार्डों में प्रत्याशियों ने मतदान के अंतिम दिन अपनी चुनावी मशीनरी को सक्रिय रखा। रेलवे स्टेशन क्षेत्र के वार्ड 49 में एक निर्दलीय प्रत्याशी के कार्यालय में युवाओं की टीम वोटर लिस्ट की जांच करती दिखाई दी।

कार्यकर्ता एक-एक मतदाता का नाम और संबंधित बूथ देख रहे थे, ताकि मतदान के दिन किसी मतदाता को बूथ खोजने या सूची से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

आर्य नगर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में महिलाओं की टीम घर-घर संपर्क करती नजर आई। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के कार्यालय में सोशल मीडिया टीम अंतिम दौर के संपर्क और प्रचार की रणनीति पर काम करती रही।

चुनावी रणनीति में युवाओं की भी सक्रिय भूमिका

अंतिम दिन के चुनाव प्रचार में युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका भी नजर आई। कई जगह युवा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने के साथ वोटर लिस्ट की जानकारी जुटाते दिखे।

फोन कॉल के जरिए मतदाताओं से संपर्क करना और मतदान से जुड़ी जानकारी साझा करना भी अंतिम रणनीति का हिस्सा रहा। इस दौरान प्रत्याशियों की टीमें अपने-अपने वार्ड में अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करती रहीं।

बाहर रहने वाले वोटरों से फोन पर संपर्क

प्रत्याशियों की रणनीति अलवर में मौजूद मतदाताओं तक ही सीमित नहीं रही। कार्यकर्ताओं ने जयपुर, दिल्ली, मुंबई समेत दूसरे शहरों में रहने वाले अलवर के मतदाताओं से फोन पर संपर्क किया।

उन्हें मतदान के लिए अलवर आने का आग्रह किया गया। कुछ स्थानों पर बाहर रहने वाले मतदाताओं के परिजनों के माध्यम से भी संपर्क साधने की कोशिश की गई।

बूथ मैनेजमेंट पर सबसे ज्यादा जोर

मतदान से पहले प्रत्याशियों के लिए बूथ मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण तैयारियों में शामिल रहा। स्कीम नंबर 10 में भाजपा प्रत्याशी के कार्यालय पर कार्यकर्ता मतदान पर्चियों का वोटर लिस्ट से मिलान करते नजर आए।

मुंशी बाग क्षेत्र में बूथ पर बैठने वाले कार्यकर्ताओं के नाम और जिम्मेदारियां तय की जा रही थीं। वहीं वार्ड 20 में भाजपा और कांग्रेस दोनों के कार्यालयों पर बूथ व्यवस्था और कार्यकर्ताओं की ड्यूटी को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की गई।

अब मतदान के दिन पर टिकी नजर

प्रचार का समय समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की चुनौती मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की रहेगी। अंतिम दिन की तैयारियों में वोटर लिस्ट, मतदान पर्चियों, बूथ एजेंट और संपर्क व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर मतदान प्रतिशत और वार्डवार वोटिंग पैटर्न पर है। आखिरी दिन की मान-मनुहार और बूथ मैनेजमेंट का कितना असर हुआ, इसका फैसला मतदान और उसके बाद आने वाले परिणाम से होगा।

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Stv News Rajasthan

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