महिलाओं का वेश धर जंगल में छिपे थे लुटेरे, डूंगरपुर पुलिस ने 48 घंटे में दबोचा
इंट्रो:
राजस्थान के डूंगरपुर में रात के समय राहगीरों को रोककर कथित तौर पर लूटपाट करने वाले पांच आरोपियों को चौराासी थाना पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी जंगल और पहाड़ी इलाके में महिलाओं का वेश धारण कर छिपे हुए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों का पता लगाया और लाडसौर के जंगलों में दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो पावर बाइक भी जब्त की हैं।
रात 2:30 बजे राहगीरों को रोककर लूट का आरोप
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त 2026 को नालवाड़ा निवासी कृष्णा मीणा ने चौराासी थाने में लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, वह अपने साथी मानशंकर और अभिषेक के साथ डूंगरपुर से सीमलवाड़ा की तरफ बाइक से जा रहा था। रात करीब 2:30 बजे गोरादा घाटा के पास पीछे से बिना नंबर की पावर बाइक पर सवार तीन युवक आए और उनकी बाइक को ओवरटेक कर रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने बाइक को गिरा दिया। इसी दौरान सामने से दो अन्य बदमाश भी दूसरी बाइक पर पहुंच गए।
पांच बदमाशों ने मारपीट कर नकदी-मोबाइल छीने
शिकायत के अनुसार, दोनों बाइक से आए कुल पांच आरोपियों ने राहगीरों के साथ मारपीट की। इसके बाद उनके पास मौजूद करीब 5 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन कथित तौर पर छीन लिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर चौराासी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। रात के समय सुनसान रास्तों पर राहगीरों को निशाना बनाए जाने की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित की।
महिलाओं का वेश बनाकर जंगल में छिपे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान लाडसौर गांव के कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए उनकी जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि संदिग्ध युवक गिरफ्तारी से बचने के लिए लाडसौर के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर छिपे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए महिलाओं का वेश भी धारण किया था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने जंगल और पहाड़ियों में दबिश देकर पांचों को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ लिया।
पुलिस का दावा- पूछताछ में लूट की वारदात स्वीकार की
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गोरादा घाटा में राहगीरों को रोककर लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर मौज-मस्ती और शराब के लिए पैसों की जरूरत को वारदात की वजह बताया। हालांकि पुलिस अब आरोपियों के बयानों की जांच के साथ लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है। मामले में अन्य संभावित वारदातों को लेकर भी पूछताछ जारी है।
दो पावर बाइक पुलिस ने की जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो पावर बाइक बरामद की हैं। इनमें बिना नंबर की आरएस प्लसर और प्लसर 220 शामिल बताई गई हैं। पुलिस अब दोनों मोबाइल फोन और कथित तौर पर लूटी गई नकदी की बरामदगी के लिए जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इससे पहले रात के समय राहगीरों को निशाना बनाकर कोई दूसरी वारदात तो नहीं की।
पांचों आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
चौराासी थाना पुलिस ने लाडसौर निवासी शैलेश, विजय, राहुल, डूंगर और ताराचंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी चौराासी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड तथा अन्य संभावित वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एसपी के निर्देश पर बनाई गई थी विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह और वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश की। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में चौराासी थाना पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ साइबर सेल की भूमिका भी अहम रही। 48 घंटे के भीतर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले में बड़ी सफलता मान रही है।