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अलवर निकाय चुनाव: 132 नामांकन खारिज, पूर्व सभापति शकुंतला सोनी भी बाहर

अलवर नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद 132 पर्चे निरस्त कर दिए गए हैं। पूर्व सभापति शकुंतला सोनी का नामांकन रद्द होने से सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई है। वहीं वार्ड 58 से कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कुमार का पर्चा खारिज होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। अब तीन सितंबर को नाम वापसी के बाद चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर साफ होगी।

597 नामांकन में से 132 पर्चे हुए निरस्त

अलवर नगर निगम के वार्ड पार्षद चुनाव के लिए 522 उम्मीदवारों ने कुल 597 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच और स्क्रूटनी की प्रक्रिया के बाद इनमें से 132 नामांकन अलग-अलग कारणों के चलते निरस्त कर दिए गए। नामांकन खारिज होने के बाद अब निगम क्षेत्र में 446 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। वार्ड 9, 10, 15, 43, 50, 56, 61 और 64 में दाखिल किए गए सभी नामांकन वैध पाए गए। वहीं वार्ड 42 में सबसे ज्यादा 17 प्रत्याशी मैदान में हैं।

पूर्व सभापति शकुंतला सोनी का भी पर्चा खारिज

नामांकन निरस्तीकरण की सूची में पूर्व सभापति शकुंतला सोनी का नाम भी शामिल है। उनका नामांकन वार्ड 52 से खारिज किया गया है। इसके अलावा कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे भी विभिन्न कारणों से निरस्त हुए हैं। नामांकन प्रक्रिया के बाद अब उम्मीदवारों के पास नाम वापस लेने का विकल्प है। तीन सितंबर को नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने प्रत्याशी वास्तव में चुनाव मैदान में रहेंगे और किन वार्डों में मुकाबला सीधा या बहुकोणीय होगा।

वार्ड 58 में कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत का पर्चा रद्द

वार्ड 58 में कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कुमार का नामांकन निरस्त किए जाने से पार्टी में नाराजगी है। रिटर्निंग अधिकारी की ओर से बताया गया कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के तहत आरोप तय कर न्यायालय में मामला विरचित किया गया है। इसी आधार पर नाम निर्देशन पत्र को अमान्य माना गया। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि प्रत्याशी की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेज पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके थे और मामले के निरस्त होने की जानकारी भी दी गई थी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय पहुंचकर जताया विरोध

हेमंत कुमार का नामांकन खारिज होने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार रात अलवर के मिनी सचिवालय पहुंचे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने पर्चा निरस्त करने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रत्याशी की ओर से संबंधित दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इसके बावजूद नामांकन रद्द किया जाना उचित नहीं है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मामले में प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया और दस्तावेजों की स्थिति अहम बनी हुई है।

वार्ड 58 में अब चार उम्मीदवार मैदान में

वार्ड 58 में कांग्रेस के हेमंत कुमार का नामांकन निरस्त होने के बाद चुनावी समीकरण बदल गया है। इसी वार्ड से रीमा चौपड़ा ने भी कांग्रेस के नामांकन दाखिल किया था, लेकिन पार्टी का अधिकृत सिंबल नहीं मिलने के कारण उनका नामांकन भी निरस्त हो गया। अब उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भाजपा की मीनू बाघला के सामने निर्दलीय देवेंद्र कौर, चंद्रभान सैनी और ममता शर्मा चुनाव मैदान में हैं। तीन सितंबर को नाम वापसी के बाद इस वार्ड की अंतिम स्थिति भी स्पष्ट होगी।

कई वार्डों में बड़ी संख्या में निर्दलीयों के पर्चे खारिज

नामांकन जांच के दौरान कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे भी निरस्त किए गए हैं। वार्ड 31 से लेकर 65 तक कई उम्मीदवारों के नाम निरस्त सूची में शामिल हैं। वार्ड 42 में ही कई नामांकन खारिज किए गए, हालांकि वैध नामांकन के आधार पर यह वार्ड अभी भी सबसे अधिक प्रत्याशियों वाला क्षेत्र बना हुआ है। अलग-अलग वार्डों में नामांकन निरस्त होने के कारण चुनावी मुकाबले का स्वरूप भी बदल गया है और कई उम्मीदवारों की चुनावी तैयारी पर विराम लग गया है।

तीन सितंबर के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर

अलवर नगर निगम चुनाव में नामांकन जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण नाम वापसी का है। तीन सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी वार्डों में प्रत्याशियों की अंतिम सूची सामने आएगी। इसके बाद राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का वास्तविक मुकाबला स्पष्ट होगा। फिलहाल 132 नामांकन रद्द होने और प्रमुख चेहरों के मैदान से बाहर होने के कारण अलवर का निकाय चुनाव पहले ही सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

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Stv News Rajasthan

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