RPF कांस्टेबल 70 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, चोरी केस में मांगी थी रकम
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। सवाई माधोपुर जिले में ACB ने रेलवे पुलिस चौकी लाखेरी पर तैनात एक RPF कांस्टेबल को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल ने रेलवे से जुड़े सामान की चोरी के मामले में परिवादी को आरोपी नहीं बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले रिश्वत मांग का सत्यापन कराया और फिर ट्रैप की कार्रवाई की। आरोपी के पास से 70 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।
लाखेरी रेलवे पुलिस चौकी पर तैनात था कांस्टेबल
ACB के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नदीम कुरैशी के रूप में हुई है। वह सवाई माधोपुर जिले की रेलवे पुलिस चौकी लाखेरी पर कांस्टेबल के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत ACB को मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रेलवे सामान की चोरी से जुड़े एक मामले में परिवादी को मुल्जिम नहीं बनाने के बदले कांस्टेबल ने रिश्वत की मांग की। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद ACB ने मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
एक लाख रुपये की रिश्वत का बनाया दबाव
ACB के मुताबिक, आरोपी कांस्टेबल ने कथित तौर पर परिवादी पर रिश्वत देने का दबाव बनाया था। शिकायत के अनुसार, मामले में आरोपी नहीं बनाने के एवज में पहले एक लाख रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई। ACB ने 25 अगस्त 2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी कांस्टेबल पहले 80 हजार रुपये और बाद में 70 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया।
70 हजार रुपये लेते ही ACB ने दबोचा
रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ACB ने ट्रैप की योजना तैयार की। सोमवार को आरोपी कांस्टेबल कथित तौर पर परिवादी के घर रिश्वत की रकम लेने पहुंचा। जैसे ही उसने 70 हजार रुपये लिए, ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। कार्रवाई के बाद आरोपी कांस्टेबल को मानटाउन थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई।
ACB टीम ने की आगे की कार्रवाई
यह कार्रवाई ACB भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में की गई। ट्रैप की कार्रवाई सवाई माधोपुर ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर परिहार के नेतृत्व में हुई। टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। ACB अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की मांग और रेलवे चोरी के मामले से जुड़े अन्य पहलुओं में आरोपी की क्या भूमिका थी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
ACB के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान किया जाएगा। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटाया जाएगा। ACB की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार ट्रैप कार्रवाई की जा रही है।
ACB की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप
RPF कांस्टेबल के रिश्वत लेते गिरफ्तार होने की खबर के बाद रेलवे पुलिस से जुड़े विभागीय हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। ACB का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल आरोपी कांस्टेबल से पूछताछ और मामले की जांच जारी है। अनुसंधान पूरा होने के बाद रिश्वत मांगने और लेने के मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।