अलवर में 23 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
अलवर में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी मिनी सचिवालय पहुंचे और मुख्य गेट पर नारेबाजी कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नेताओं ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम 23 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियां दूर करने, पेंशन संबंधी लाभ, स्वास्थ्य सुविधाओं और महिला कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
केंद्र के समान वेतनमान और MACP की मांग
कर्मचारी नेता पुष्पराज शर्मा ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर कर कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार के समान वेतनमान लागू करना शामिल है। इसके साथ ही कर्मचारियों को 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पूरी करने पर MACP का लाभ देने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इन मांगों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए।
RGHS और OPS को लेकर भी उठाई आवाज
कर्मचारियों ने कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को RGHS की सभी सुविधाओं का लाभ देने की मांग रखी। इसके अलावा अप्रैल 2022 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को OPS का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अधिकारों और पेंशन से जुड़े लाभ समय पर मिलना जरूरी है। उन्होंने सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशन संबंधी परिलाभों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी की।
कर्मचारी कल्याण बोर्ड बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी कल्याण से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। कर्मचारियों ने राज्य में कर्मचारी कल्याण बोर्ड की स्थापना करने की मांग की। उनका कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों, सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संस्थागत व्यवस्था जरूरी है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से मांग की कि 23 सूत्रीय मांग-पत्र में शामिल सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं।
महिला कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और पीरियड लीव
महिला कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया है। कर्मचारियों ने साल में 12 दिन वर्क फ्रॉम होम या पीरियड लीव की सुविधा देने की मांग उठाई। इसके अलावा मातृत्व अवकाश के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ जारी रखने की मांग भी की गई। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महिला कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी सुविधाओं पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
मिनी सचिवालय पर नारेबाजी के बाद सौंपा ज्ञापन
कर्मचारियों ने मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम 23 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर सरकार इस पर आवश्यक कार्रवाई करेगी। फिलहाल प्रदर्शन के बाद कर्मचारी संगठन ने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।