Red Fort: PM मोदी की 12 साल में पहली बार कही गईं ये बड़ी बातें
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लालकिले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए युवाओं, तकनीक, शिक्षा, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस बार उनके भाषण में कुछ ऐसे मुद्दे और ऐलान भी सामने आए, जिन्हें उन्होंने लालकिले से अपने पिछले संबोधनों में इस तरह प्रमुखता से नहीं रखा था। 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, 2036 ओलंपिक के लिए गांवों से प्रतिभाओं की तलाश और सिविल डिफेंस को मजबूत करने जैसी घोषणाओं ने भाषण को खास बनाया।
2047 तक विकसित भारत का बड़ा संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से भारत के भविष्य का रोडमैप सामने रखते हुए कहा कि देश ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत बनने का बड़ा सपना देखा है। उन्होंने इस लक्ष्य को केवल सरकार की योजना नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के सामूहिक संकल्प के रूप में पेश किया। पीएम ने युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उनसे नए विचार, तकनीक और कौशल के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए देश को कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का ऐलान
प्रधानमंत्री ने युवाओं को लेकर अपने संबोधन में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की स्किल ट्रेनिंग देने का काम करेगी। AI को भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बताते हुए उन्होंने युवाओं को नई तकनीक के लिए तैयार करने पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार में नई संभावनाओं का लाभ उठा सकें। प्रधानमंत्री ने तकनीक आधारित विकास को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
Gen Z और Gen Alpha के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
पीएम मोदी ने Gen Z और Gen Alpha के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री ने कोचिंग व्यवस्था के बढ़ते खर्च को गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महंगी कोचिंग की जरूरत महसूस होने से परिवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से मुफ्त तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य छात्रों को आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना बेहतर अवसर देना है।
2036 ओलंपिक के लिए गांवों से होगा टैलेंट हंट
प्रधानमंत्री ने भारत की खेल प्रतिभाओं को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए गांवों और छोटे क्षेत्रों से प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करने की बात कही। इसके लिए टैलेंट हंट अभियान पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि देश के ग्रामीण इलाकों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे ऐसे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का रास्ता मिल सकता है, जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन संसाधनों और अवसरों की कमी रहती है।
AI से सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा तक फोकस
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की तकनीकी और ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने AI और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों के साथ परमाणु ऊर्जा को भी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका जोर ऐसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर रहा, जो आने वाले समय में भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को प्रभावित करेंगे। प्रधानमंत्री ने देश की ऊर्जा जरूरतों, तकनीकी क्षमता और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता बताई। विकसित भारत के लक्ष्य के लिए तकनीक और ऊर्जा को उन्होंने महत्वपूर्ण आधार के रूप में पेश किया।
‘हथियारी नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल’ पर भी टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नक्सलवाद के संदर्भ में ‘हथियारी नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल’ के बीच अंतर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने हिंसक गतिविधियों के साथ विचारधारा के स्तर पर देश को प्रभावित करने वाली चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया। यह टिप्पणी उनके संबोधन के उन हिस्सों में शामिल रही, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की आंतरिक मजबूती से जुड़े मुद्दों को सामने रखा। प्रधानमंत्री ने देश को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
सैन्य ताकत के साथ सिविल डिफेंस पर जोर
प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैन्य बलों की क्षमता बढ़ाने के साथ सिविल डिफेंस की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बदलती परिस्थितियों में देश की सुरक्षा केवल सैन्य क्षमता तक सीमित नहीं रह सकती। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए नागरिक स्तर पर भी मजबूत तैयारी जरूरी है। उन्होंने देश की सुरक्षा को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की बात कही। सैन्य क्षमता, नागरिक सुरक्षा और तकनीकी मजबूती को साथ लेकर चलना विकसित और सुरक्षित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
युवाओं को बनाया विकसित भारत का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी के इस बार के संबोधन में युवाओं पर खास फोकस नजर आया। AI स्किल, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और खेल प्रतिभाओं की खोज जैसे ऐलानों के जरिए सरकार ने युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य से सीधे जोड़ने का संदेश दिया। पीएम ने युवाओं से नई तकनीक सीखने, कौशल विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उनके संबोधन का एक बड़ा संदेश यह रहा कि 2047 का भारत आज की युवा पीढ़ी की क्षमता, शिक्षा, कौशल और सोच से तैयार होगा।