अलवर की तेल फैक्ट्री में भीषण आग, करोड़ों के नुकसान की आशंका
: अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह एक तेल पैकिंग फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। काले धुएं और आग की ऊंची लपटों से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक दर्जन दमकल वाहन आग पर काबू पाने में जुटे हैं। फैक्ट्री में तेल और पैकिंग सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलने की बात सामने आई है।
सुबह करीब 6 बजे फैक्ट्री में लगी आग
घटना अलवर शहर के एमआईए थाना क्षेत्र स्थित मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र की है। यहां ‘अलवर साल्वेक्स’ नामक फैक्ट्री में मस्टर्ड ऑयल की पैकिंग का काम किया जाता है। शनिवार सुबह करीब 6 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार काफी दूर से दिखाई दे रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
करीब एक दर्जन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर अधिकारी अमित मीणा के अनुसार, करीब एक दर्जन दमकल वाहन आग बुझाने के अभियान में लगाए गए हैं। दमकलकर्मी लगातार पानी की बौछार कर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास कर रहे हैं। आग की तीव्रता को देखते हुए लगातार अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि आग पूरी तरह शांत नहीं हुई है और फैक्ट्री परिसर से धुआं निकलना जारी है। दमकल विभाग की प्राथमिकता आग को नियंत्रित करने के साथ आसपास की औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षित रखना है।
तेल और पैकिंग सामग्री से तेजी से फैली आग
फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तेल और पैकिंग सामग्री मौजूद होने के कारण आग के तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। ज्वलनशील सामग्री के कारण दमकलकर्मियों के सामने आग पर काबू पाने की चुनौती बढ़ गई। आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। संबंधित विभाग और अधिकारी घटना के कारणों की जांच में जुटे हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके आधार पर नुकसान और आग लगने के संभावित कारणों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
आसपास की फैक्ट्रियां कराई गईं खाली
भीषण आग को देखते हुए प्रशासन और दमकल विभाग ने एहतियात के तौर पर आसपास की औद्योगिक इकाइयों को खाली कराया। इसका उद्देश्य आग की लपटों को दूसरी फैक्ट्रियों तक पहुंचने से रोकना और वहां मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। औद्योगिक क्षेत्र में आग और धुएं के कारण काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद दमकलकर्मी लगातार आग की दिशा और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि आग को सीमित क्षेत्र में रखते हुए जल्द से जल्द पूरी तरह बुझाया जाए, ताकि आसपास की संपत्तियों को और नुकसान से बचाया जा सके।
करोड़ों के नुकसान की आशंका
फैक्ट्री में लगी आग से बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने और फैक्ट्री परिसर का विस्तृत निरीक्षण किए जाने के बाद ही संभव होगा। फैक्ट्री में तेल के अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और अन्य सामान मौजूद था, जिससे नुकसान बढ़ने की संभावना है। फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्य और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने पर केंद्रित है।
आग के कारणों की जांच में जुटे अधिकारी
फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। आग बुझने के बाद फैक्ट्री के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या अन्य किसी संभावित कारण की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आग की पूरी स्थिति सामान्य होने के बाद ही नुकसान और घटना के कारणों को लेकर ठोस जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आग पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी जा रही है।