सौरव गांगुली को फिर मिली जान से मारने की धमकी, बोले- पुलिस कर रही जांच
: पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और उनके परिवार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी वाले पत्र मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। धमकी भरे पत्र मिलने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की जांच शुरू हो चुकी है। गांगुली ने पहली प्रतिक्रिया में कहा कि पुलिस मामले को देख रही है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात भी कही। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी परिवार को इस तरह के पत्र मिल चुके हैं।
धमकी के बाद गांगुली ने दी पहली प्रतिक्रिया
धमकी की घटना सामने आने के बाद सौरव गांगुली ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं। गांगुली ने भरोसा जताया कि पुलिस मामले में उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटना पहले भी सामने आ चुकी है और बाद में स्थिति सामान्य हो गई थी। मौजूदा मामले में भी उन्होंने संयम बनाए रखने की बात कही और कहा कि उनके पास सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है।
CAB के पते पर पहुंचे धमकी भरे पत्र
जानकारी के अनुसार, बंगाल क्रिकेट संघ के आधिकारिक पते पर दो लिफाफे भेजे गए थे। इन्हें खोले जाने के बाद कथित तौर पर उनमें धमकी भरे पत्र मिले। पत्रों में सौरव गांगुली, उनकी पत्नी डोना गांगुली और उनके कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। पत्र की भाषा को आपत्तिजनक और आक्रामक बताया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। अब जांच एजेंसियां पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं।
छह महीने से मिल रहे थे संदिग्ध पत्र
रिपोर्टों के मुताबिक, गांगुली परिवार को पिछले करीब छह महीनों से संदिग्ध पत्र मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती तौर पर इन पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया गया और इन्हें निजी विवाद या किसी व्यक्ति की सनक से जोड़कर देखा गया। हालांकि, लगातार इस तरह के पत्र मिलने और हालिया धमकी की गंभीर भाषा के बाद परिवार और संबंधित अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया। अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या सभी पत्र एक ही व्यक्ति या समूह ने भेजे हैं या इनके पीछे अलग-अलग लोग हैं।
स्थानीय नंबर से जुड़े इनपुट की भी जांच
सौरव गांगुली ने बताया कि धमकी से जुड़े मामले में एक स्थानीय फोन नंबर की जानकारी भी जांच एजेंसियों को दी गई है। पुलिस अब इस नंबर और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की जांच कर सकती है। हालांकि, धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान या उसके मकसद को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर पत्र, कूरियर की जानकारी, फोन नंबर और अन्य उपलब्ध सबूतों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी वास्तविक खतरे से जुड़ी थी या किसी की शरारत थी।
परिवार की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
धमकी भरे पत्र में सौरव गांगुली के साथ उनकी पत्नी और कर्मचारियों का भी जिक्र होने की बात सामने आई है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए केवल गांगुली ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है। गांगुली ने हालांकि कहा है कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा मौजूद है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। फिलहाल प्राथमिकता धमकी के स्रोत और उसकी विश्वसनीयता का पता लगाना है।
धमकी के पीछे किसका हाथ? जांच में खुलेगा राज
इस मामले में अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि धमकी के पीछे कौन व्यक्ति या संगठन है। सोशल मीडिया या सार्वजनिक चर्चाओं में लगाए जा रहे किसी भी अनुमान को आधिकारिक पुष्टि के बिना सही नहीं माना जा सकता। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पत्र भेजने वाले की पहचान करना और यह पता लगाना है कि धमकी देने का उद्देश्य क्या था। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सौरव गांगुली ने मामले में भरोसा पुलिस जांच पर जताया है।