राजगढ़ में फिर भड़का केंद्रीय विद्यालय आंदोलन, ‘KV नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर से गरमाई सियासत
राजगढ़ (अलवर): राजगढ़ उपखंड के नाम से स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ में ही संचालित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। राजगढ़ आवाज मंच ने कस्बे के प्रमुख बाजारों में ‘केवी नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाकर आंदोलन को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। गुरुवार को भाजपा नेताओं के बाजार से गुजरने के दौरान मंच के सदस्यों ने तख्तियां दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से आश्वासन मिलने के बावजूद जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब 15 अगस्त को प्रस्तावित तिरंगा रैली के जरिए आंदोलन को और तेज करने की तैयारी है।
‘केवी नहीं तो वोट नहीं’, बाजारों में लगे पोस्टर
राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर लगाए गए पोस्टरों ने स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ‘केवी नहीं तो वोट नहीं’ के संदेश के जरिए आंदोलनकारियों ने आगामी चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुख बनाने के संकेत दिए हैं। गुरुवार को जब भाजपा नेता बाजार से गुजर रहे थे, तब राजगढ़ आवाज मंच के सदस्यों ने उन्हें तख्तियां दिखाईं और केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ में ही शुरू कराने की मांग दोहराई। मंच का कहना है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही है और अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
राजगढ़ आवाज मंच के संयोजक मुकेश जैमन के अनुसार, करीब आठ महीने पहले मंत्री संजय शर्मा और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। मंच का आरोप है कि उस समय राजगढ़ में ही केंद्रीय विद्यालय के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने और विद्यालय संचालित कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसके बाद अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। आंदोलनकारियों का कहना है कि भरोसे के आधार पर आंदोलन रोका गया था, मगर अब स्थिति जस की तस है। इसी वजह से आंदोलन दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
15 अगस्त को निकलेगी तिरंगा रैली
आंदोलन को गति देने के लिए 15 अगस्त को राजगढ़ में विशाल तिरंगा रैली निकालने की तैयारी है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि रैली के जरिए केंद्रीय विद्यालय को लेकर क्षेत्र की जनता की मांग को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारियों के मुताबिक विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान का मुद्दा नहीं है, बल्कि राजगढ़ क्षेत्र के बच्चों के बेहतर शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में वे चाहते हैं कि स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय का संचालन राजगढ़ उपखंड में ही किया जाए और इस संबंध में जल्द स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
2021 में स्वीकृत हुआ था केंद्रीय विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय को लेकर विवाद नया नहीं है। वर्ष 2021 में राजगढ़ उपखंड के नाम से केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ था। बाद में इसे रेणी क्षेत्र के दलालपुरा में स्थापित किए जाने की चर्चा सामने आई तो राजगढ़ क्षेत्र के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले वर्ष भी इस मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन चला था। आंदोलन के दौरान राजगढ़ आवाज मंच के संयोजक मुकेश जैमन ने आठ दिनों तक आमरण अनशन भी किया था। स्थानीय लोगों की मांग लगातार यही रही कि राजगढ़ के नाम से स्वीकृत विद्यालय राजगढ़ में ही स्थापित किया जाए।
हाई कोर्ट पहुंचा मामला, दलालपुरा में निर्माण पर रोक
मांग पूरी नहीं होने पर राजगढ़ आवाज मंच की ओर से राजस्थान हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। मंच के अनुसार, याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने रेणी के दलालपुरा में प्रस्तावित निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक लगा दी। यह रोक फिलहाल प्रभावी बताई जा रही है। इसके चलते विद्यालय के स्थान को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब स्थानीय लोगों की नजर सरकार के अगले कदम और न्यायिक प्रक्रिया पर है। आंदोलनकारी चाहते हैं कि विवाद का जल्द समाधान हो और राजगढ़ में विद्यालय स्थापित करने की दिशा में ठोस फैसला लिया जाए।
नगरीय चुनाव से पहले मुद्दा बना सियासी चुनौती
केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा अब शिक्षा और स्थानीय सुविधा से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। ‘केवी नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर और आगामी तिरंगा रैली से साफ है कि आंदोलनकारी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। राजगढ़ आवाज मंच का कहना है कि यदि जनता से किए गए आश्वासन पूरे नहीं हुए तो इसका राजनीतिक असर आगामी चुनावों में दिखाई दे सकता है। ऐसे में अब सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने इस मांग को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।