विराटनगर में तहसीलदार समेत 3 लोग 55 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप
इंट्रो: कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। जयपुर एसीबी की टीम ने तहसीलदार समेत तीन लोगों को 55 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते ट्रैप किया। कार्रवाई की चपेट में तहसीलदार संजय कुमार, कनिष्ठ सहायक देवीलाल और कथित बिचौलिया अशोक आए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कृषि भूमि के हस्तांतरण और रजिस्ट्री से जुड़े काम को कराने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में कथित तौर पर 55 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और तय रकम लेते समय तीनों को पकड़ लिया।
कृषि भूमि के काम के बदले रिश्वत का आरोप
मामला कृषि भूमि के हस्तांतरण और रजिस्ट्री से संबंधित प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को कथित रिश्वत मांगने की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद जयपुर एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की। एसीबी के अनुसार, आरोपियों ने संबंधित काम कराने के एवज में एक लाख रुपए की कथित मांग की थी। बाद में बातचीत के बाद रकम कम होकर 55 हजार रुपए पर तय होने की बात सामने आई। इसके बाद टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी की।
55 हजार रुपए लेते रंगे हाथ पकड़े गए
एसीबी की योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को तय रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा गया। बुधवार को विराटनगर में जैसे ही कथित रूप से रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने कार्रवाई कर दी। टीम ने तहसीलदार संजय कुमार और कनिष्ठ सहायक देवीलाल को कथित तौर पर 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। इसी कार्रवाई के दौरान कथित बिचौलिए अशोक को भी हिरासत में लिया गया। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद करने के साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब मामले में आरोपियों की भूमिका और रिश्वत के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
एएसपी प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में कार्रवाई
विराटनगर में हुई इस ट्रैप कार्रवाई को एसीबी की जयपुर टीम ने अंजाम दिया। कार्रवाई एएसपी प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों के अनुसार पूरी कार्रवाई डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में हुई। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता और अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों के तहत टीम ने शिकायत का सत्यापन करने से लेकर ट्रैप तक की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपियों को कथित रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा। अब आगे की जांच में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
तहसीलदार और कनिष्ठ सहायक पर गंभीर आरोप
इस कार्रवाई में सरकारी तंत्र से जुड़े दो कर्मचारियों के नाम सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। तहसीलदार संजय कुमार और कनिष्ठ सहायक देवीलाल पर कृषि भूमि से जुड़े सरकारी काम को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। वहीं अशोक को कथित बिचौलिये के रूप में पकड़ा गया है। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों के बीच रिश्वत के लेन-देन को लेकर किस तरह समन्वय था। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि कथित रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई और इसमें प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही।
आरोपियों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच जारी
ट्रैप के बाद एसीबी ने तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी आरोपियों से रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और भूमि से जुड़े काम की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही संबंधित दस्तावेजों और आरोपियों से जुड़े संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। एसीबी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ACB की कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में हलचल
विराटनगर में तहसीलदार समेत तीन लोगों के कथित रिश्वत मामले में पकड़े जाने से स्थानीय प्रशासनिक तंत्र में भी हलचल है। एसीबी लगातार सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है। इस मामले में भी शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी काम के बदले अवैध रकम मांगने वालों पर शिकंजा कसना है। हालांकि आरोपियों के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं पर भी अधिकारियों की नजर है।