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सफाईकर्मियों के नियुक्ति पत्र पर मंत्री का धरना, 4.30 घंटे गरमाया माहौल

इंट्रो: अलवर में सफाई कर्मचारी भर्ती-2012 के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिलाने की मांग को लेकर वन राज्यमंत्री संजय शर्मा के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने से राजस्थान की सियासत गरमा गई। नगर निगम परिसर में करीब साढ़े चार घंटे तक नारेबाजी, हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मंत्री ने जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। मामला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंचने के बाद हस्तक्षेप हुआ। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। मंत्री के मुताबिक पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को 16 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे राज्यमंत्री

सफाई कर्मचारी भर्ती-2012 के अभ्यर्थियों को लंबे इंतजार के बाद नियुक्ति पत्र नहीं मिलने का मुद्दा बुधवार को अचानक राजनीतिक रूप से गरमा गया। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा अभ्यर्थियों के समर्थन में नगर निगम परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मंत्री के धरने पर बैठते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और समर्थक मौके पर जुट गए। करीब साढ़े चार घंटे तक निगम परिसर में नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। खास बात यह रही कि मंत्री राज्य में सत्तारूढ़ सरकार का हिस्सा हैं, इसके बावजूद उन्हें अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।

कलेक्टर और निगम आयुक्त पर मंत्री ने जताई नाराजगी

धरने के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारी भर्ती के अभ्यर्थियों को करीब 14 साल बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या वे राज्य सरकार से भी बड़े हो गए हैं। मंत्री ने कलेक्टर के व्यवहार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और प्रशासनिक रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने शहर की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि मंत्री के आरोपों पर कलेक्टर और निगम आयुक्त की ओर से तत्काल कोई प्रत्युत्तर सामने नहीं आया।

CM के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ धरना

मंत्री संजय शर्मा के धरने का मामला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंचा। मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच कराने के निर्देश दिए। कमेटी दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। मंत्री ने बताया कि पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को 16 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब साढ़े चार घंटे से चल रहा धरना समाप्त हुआ। इससे अभ्यर्थियों को लंबे समय से लंबित नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।

दस्तावेजों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी

जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने सफाई कर्मचारी भर्ती-2012 के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के लिए एडीएम सिटी अंबालाल मीणा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में वरिष्ठ लेखाधिकारी कलक्ट्रेट मुकेश कुमार बैरवा और उप विधि परामर्शी कलक्ट्रेट मनोज कुमार को सदस्य बनाया गया है। यह टीम नगर निगम आयुक्त के साथ समन्वय कर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में सहयोग करेगी। प्रशासन के अनुसार सरकार से मिले निर्देशों के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद पात्र अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र तैयार करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

कलेक्टर बोलीं- 9 अगस्त को मिला अंतिम मार्गदर्शन

जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के अनुसार सफाई कर्मचारी भर्ती से संबंधित मामले में स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विभागीय मार्गदर्शन का इंतजार था। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग यानी DLB से अंतिम मार्गदर्शन 9 अगस्त को प्राप्त हुआ है। नियुक्ति से संबंधित नियोक्ता अधिकारी नगर निगम आयुक्त हैं। दस्तावेजों की जांच के लिए पहले ही अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई थी। अब सरकार के निर्देश मिलने के बाद प्रक्रिया को गति दी गई है। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की कार्रवाई की जाएगी।

दो साल बाद निगम में दिखे कई राजनीतिक चेहरे

बुधवार को नगर निगम परिसर में सफाई भर्ती का मुद्दा केवल प्रशासनिक मामला नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र भी बन गया। अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के बीच कई राजनीतिक नेता भी मौके पर पहुंचे। लंबे समय से निगम परिसर में कम नजर आने वाले नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। करीब साढ़े चार घंटे तक निगम परिसर में नारेबाजी, हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। निकाय चुनावों की संभावित तैयारियों के बीच सफाई कर्मचारी भर्ती का यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय सियासत पर दिखाई दे सकता है।

14 साल पुराने मामले पर अब टिकी निगाहें

सफाई कर्मचारी भर्ती-2012 से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सरकार की ओर से दस्तावेजों की जांच और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद मामले में नई उम्मीद जगी है। हालांकि अंतिम रूप से कितने अभ्यर्थी पात्र पाए जाते हैं और कितनों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाते हैं, यह दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल 16 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। इसी दिन पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का दावा किया गया है। अब प्रशासनिक प्रक्रिया और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।

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Stv News Rajasthan

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