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सीकर में PGDCA परीक्षा में सामूहिक नकल, 20 छात्रों से सामग्री जब्त

इंट्रो: सीकर के एक परीक्षा केंद्र पर PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल का मामला सामने आने से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम ने मंगलवार, 11 अगस्त को विश्वभारती कॉलेज में आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई परीक्षार्थी समूह में बैठकर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से नकल करते मिले। टीम ने करीब 20 विद्यार्थियों से नकल में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया है। साथ ही परीक्षा केंद्र के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आकस्मिक जांच में सामने आया सामूहिक नकल का मामला

विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम मंगलवार को सीकर स्थित विश्वभारती कॉलेज में चल रही PGDCA परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंची थी। परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में कुल 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे। निरीक्षण के दौरान टीम को कई परीक्षार्थियों के समूह में बैठकर नकल करने की जानकारी मिली। आरोप है कि कुछ विद्यार्थी एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से उत्तर देखकर लिख रहे थे। टीम ने मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और नकल में इस्तेमाल की जा रही उत्तर सामग्री को जब्त किया। इस कार्रवाई से परीक्षा केंद्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

करीब 20 विद्यार्थियों से नकल सामग्री जब्त

विजिलेंस टीम की कार्रवाई के दौरान करीब 20 विद्यार्थियों से नकल में प्रयुक्त उत्तर सामग्री बरामद की गई। टीम में शास्त्री कोसलेंद्रदास और डॉ. देवेंद्र कुमार शामिल थे। अधिकारियों ने मौके पर हुई कार्रवाई से संबंधित वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य भी जुटाए। विश्वविद्यालय के अनुसार, इन सभी साक्ष्यों को परीक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। अब विजिलेंस रिपोर्ट और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित विद्यार्थियों और परीक्षा केंद्र की भूमिका की जांच की जाएगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।

संबंधित परीक्षा को विश्वविद्यालय ने किया निरस्त

मामला सामने आने के बाद कुलपति प्रो. मदनमोहन झा के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभुकुमार झा ने संबंधित परीक्षा को निरस्त करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने दूसरी पारी की परीक्षा की भी निगरानी की और उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से कराया। अधिकारियों के मुताबिक, विजिलेंस टीम की रिपोर्ट और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा रद्द होने के बाद प्रभावित विद्यार्थियों की परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से नियमानुसार अगला निर्णय लिया जाएगा।

पांच दिन में सामूहिक नकल का दूसरा मामला

विश्वविद्यालय के परीक्षा तंत्र के सामने यह लगातार सामने आया दूसरा सामूहिक नकल का मामला है। इससे पहले 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। उस मामले में भी विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया था। अब सीकर में दोबारा इसी तरह की अनियमितता सामने आने के बाद परीक्षा केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

परीक्षा की शुचिता से समझौता नहीं: कुलपति

कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के साथ परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि परीक्षा की शुचिता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विजिलेंस टीम की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले विद्यार्थियों, परीक्षा केंद्र या संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद अनुशासनात्मक और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में परीक्षा के दौरान इस तरह की अनियमितताओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, निगरानी बढ़ाने की जरूरत

सीकर में सामने आया यह मामला परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। एक ही केंद्र के तीन कमरों में 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे और जांच के दौरान करीब 20 विद्यार्थियों से नकल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की भूमिका, निगरानी के तरीके और आकस्मिक निरीक्षण की प्रभावशीलता पर चर्चा जरूरी हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर रहेंगी। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि नकल के लिए जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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Stv News Rajasthan

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