साइबर ठगी पर केंद्र की बड़ी कार्रवाई, 3,718 ऐप्स ब्लॉक; 11,158 करोड़ रुपये बचाए
इंट्रो: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार के मुताबिक, संदिग्ध और साइबर अपराध से जुड़े 3,718 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया गया है। वहीं, साइबर फ्रॉड की समय पर शिकायत और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय के जरिए 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगी से बचाई गई। सरकार का कहना है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ पीड़ितों को ठगी की रकम वापस दिलाने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
3,718 ऐप्स पर केंद्र सरकार ने कसा शिकंजा
साइबर अपराधियों द्वारा मोबाइल ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने के मामलों को देखते हुए सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के तहत साइबर अपराध से निपटने वाली व्यवस्था के जरिए 3,718 ऐप्स को ब्लॉक किया गया है। इन ऐप्स को साइबर अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े जोखिमों के आधार पर कार्रवाई के दायरे में लाया गया। सरकार लगातार ऐसे डिजिटल माध्यमों की पहचान कर रही है, जिनका इस्तेमाल लोगों से पैसे ठगने या साइबर अपराध को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
32.80 लाख से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई
सरकार के मुताबिक, सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) को 2021 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य साइबर ठगी होने के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने और वित्तीय लेनदेन को रोकने की दिशा में कार्रवाई करना है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक 32.80 लाख से अधिक शिकायतें इस व्यवस्था के जरिए दर्ज की गईं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जाती है।
11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा बचाए गए
साइबर फ्रॉड की तत्काल रिपोर्टिंग से बड़ी रकम को ठगों तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली है। सरकार के अनुसार, 30 जून 2026 तक 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बचाई गई। यह कार्रवाई इस बात पर निर्भर करती है कि पीड़ित कितनी जल्दी साइबर ठगी की सूचना देता है और संबंधित बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाएं कितनी तेजी से कार्रवाई करती हैं। इसलिए सरकार की ओर से लोगों को साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
अप्रैल से शुरू हुआ मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल
साइबर ठगी के मामलों में सिर्फ रकम को रोकना ही नहीं, बल्कि पीड़ितों को पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गृह मंत्रालय ने NCRP-CFCFRMS के लिए व्यापक SOP जारी की है। इसके तहत साइबर अपराध की शिकायतों पर कार्रवाई, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल तथा पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। अप्रैल से मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
साइबर ठगी के खिलाफ सिस्टम को बनाया जा रहा मजबूत
सरकार का फोकस अब साइबर अपराध की पूरी प्रक्रिया पर कार्रवाई करने पर है—ठगी की शिकायत से लेकर संदिग्ध डिजिटल माध्यमों को ब्लॉक करने और रकम की रिकवरी तक। इसके लिए साइबर अपराध पोर्टल, वित्तीय संस्थानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, डिजिटल ठगी से बचने के लिए आम लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, OTP साझा करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचना साइबर फ्रॉड रोकने की पहली सुरक्षा दीवार है।