BRICS समिट में नहीं आएंगे तारिक रहमान? ‘हसीना कार्ड’ पर भारत से नाराज बांग्लादेश
नई दिल्ली: BRICS समिट के आउटरीच सत्र में बांग्लादेश के अंतरिम नेतृत्व से जुड़े तारिक रहमान के शामिल होने को लेकर अब संशय पैदा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की ओर से उन्हें BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया था, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद उनके दिल्ली आने की संभावना कम बताई जा रही है। इसी बीच बांग्लादेश की ओर से भारत की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े मुद्दे को लेकर नाराजगी के संकेत भी सामने आए हैं। हालांकि, तारिक रहमान के दौरे को लेकर अंतिम आधिकारिक फैसला स्पष्ट नहीं है।
जुलाई में भारत ने भेजा था आधिकारिक न्योता
तारिक रहमान को BRICS के आउटरीच सत्र में शामिल होने का न्योता जुलाई में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 14 जुलाई को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को राजनयिक पत्र भेजा गया था। इसमें उन्हें BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर BRICS आउटरीच कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। BRICS के ऐसे आउटरीच सत्रों में आमतौर पर गैर-सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
BIMSTEC अध्यक्ष होने के कारण मिला न्योता
भारत की ओर से तारिक रहमान को आमंत्रित किए जाने के पीछे BIMSTEC की भूमिका अहम मानी जा रही है। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों को जोड़ने वाले इस संगठन में बांग्लादेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। BRICS आउटरीच सत्र में क्षेत्रीय संगठनों की भागीदारी के तहत BIMSTEC को भी प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। इसी वजह से बांग्लादेश के नेतृत्व को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया था। यह पहल भारत की क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
‘हसीना कार्ड’ को लेकर बढ़ी तल्खी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत और बांग्लादेश के संबंधों में शेख हसीना का मुद्दा लगातार संवेदनशील बना हुआ है। बांग्लादेश की ओर से भारत पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब सामने आई रिपोर्टों में बांग्लादेशी पक्ष की नाराजगी का जिक्र किया गया है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से तारिक रहमान के BRICS कार्यक्रम से हटने या भारत के खिलाफ किसी आधिकारिक विरोध की पुष्टि इस जानकारी में नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में ही देखा जा रहा है।
BRICS आउटरीच सत्र क्यों है महत्वपूर्ण?
BRICS का आउटरीच सत्र समूह के सदस्य देशों से आगे अन्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के साथ संवाद का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलता है। बांग्लादेश के लिए इस मंच पर भागीदारी भारत समेत अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संवाद मजबूत करने का मौका हो सकती थी। वहीं भारत के लिए BIMSTEC की भागीदारी बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
तारिक रहमान के दिल्ली दौरे पर अब सस्पेंस
रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया घटनाओं के बाद तारिक रहमान के BRICS आउटरीच सत्र में शामिल होने की संभावना कमजोर पड़ गई है। हालांकि, जब तक बांग्लादेश या भारत की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक उनके दौरे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि ढाका इस निमंत्रण को स्वीकार करता है या कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला करता है। यह घटनाक्रम भारत-बांग्लादेश संबंधों की मौजूदा संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।