#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

राजस्थान में चुनाव से पहले बड़ा अपडेट, 15 अगस्त तक तबादले पूरे करने के निर्देश

खबर का सारांश

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव से जुड़े विभागों को तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शासन सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, मतदान केंद्र, चुनावी स्टाफ, आरक्षण और अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों समेत कई अहम मुद्दों की समीक्षा की। आयोग ने चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 15 अगस्त तक पूरा करने को कहा है। इसके बाद आचार संहिता लागू होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक तारीख और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग ही करेगा।

15 अगस्त तक चुनावी अधिकारियों के तबादले पूरे करने के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आयोग ने संबंधित विभागों से कहा है कि चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 15 अगस्त तक पूरे कर लिए जाएं। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिहाज से यह प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि तबादलों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव संबंधी अगले चरण की तैयारियों को गति मिलेगी। हालांकि, आचार संहिता कब लागू होगी, इसका अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से ही की जाएगी।

66 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों की तैयारी

राजस्थान में ‘एक राज्य-एक चुनाव’ की दिशा में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नगर निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए लगभग 48 हजार मतदान केंद्र तैयार किए जाने हैं। यानी दोनों चुनावों के लिए राज्यभर में 66 हजार से अधिक मतदान केंद्रों की व्यवस्था करनी होगी। मतदान केंद्रों की उपलब्धता, आवश्यक सुविधाओं और वहां तैनात होने वाले कर्मचारियों की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निकाय चुनाव कई चरणों में कराने की तैयारी

आयोग की तैयारियों के अनुसार नगर निकाय चुनाव 39 जिलों में दो चरणों में कराने का प्रस्ताव है। वहीं फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में मतदान कराए जाने की तैयारी बताई गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर कर्मचारियों और पुलिस बल की तैनाती करनी होगी। पहले चरण में 140 निकायों के 5,050 वार्ड और 10,185 मतदान केंद्र शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसके लिए करीब 71 हजार सिविल निर्वाचन कर्मचारियों और लगभग 61 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत का अनुमान लगाया गया है।

पंचायती राज चुनाव भी चरणबद्ध तरीके से होंगे

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भी आयोग ने व्यापक तैयारी की है। प्रस्ताव के अनुसार 36 जिलों में चुनाव चार चरणों में, चार जिलों में दो चरणों में और एक जिले में एक चरण में कराया जा सकता है। जैसलमेर में एक चरण में मतदान कराने का प्रस्ताव बताया गया है। पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों से जुड़े पदों पर मतदान होगा। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए प्रशासनिक अमले, मतदान केंद्रों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही हैं।

ईवीएम से सदस्य, मतपेटी से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव

चुनाव प्रक्रिया में अलग-अलग पदों के लिए मतदान के अलग माध्यम का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निकाय के सदस्यों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम के जरिए कराए जाएंगे। वहीं पंच और सरपंच पदों के चुनाव में मतपेटियों का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले चरण के नगर निकाय चुनाव के लिए बड़ी संख्या में निर्वाचन कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जरूरत होगी। आयोग ने संबंधित विभागों को आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आरक्षण प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने के निर्देश

नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव से पहले पदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को आरक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी करने और इसकी जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आरक्षण तय होने के बाद ही कई संभावित उम्मीदवारों की चुनावी तैयारियों की तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके अलावा नामांकन, नामांकन पत्रों की संवीक्षा और नाम वापसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने पर भी बैठक में जोर दिया गया।

लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी नहीं

आयोग ने पिछले चुनावों में लापरवाही के कारण कार्रवाई की अनुशंसा वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बार चुनावी जिम्मेदारी से दूर रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही की संभावना को कम करना है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को भी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक सभी चरणों में प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

16 अगस्त से आचार संहिता? आधिकारिक घोषणा का इंतजार

15 अगस्त तक चुनाव से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पूरे करने के निर्देश के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में आचार संहिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ रिपोर्टों में 16 अगस्त के बाद आचार संहिता लागू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसे अभी आधिकारिक तारीख नहीं माना जा सकता। चुनाव कार्यक्रम, मतदान की तारीख और आचार संहिता लागू करने का अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल आयोग की तैयारियों से संकेत मिल रहे हैं कि राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *