सीकर में सीवरेज खुदाई के दौरान मिट्टी धंसी, मजदूर की मौत
सीकर: शहर के पिपराली रोड स्थित एक निजी गर्ल्स हॉस्टल के पास सीवरेज सेफ्टी टैंक की खुदाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। करीब 20 फीट गहरी खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से 28 वर्षीय मजदूर सिकंदर अली उसके नीचे दब गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। मिट्टी लगातार धंसने के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। करीब 12 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात लगभग 2 बजे मजदूर का शव बाहर निकाला जा सका। शव को कल्याण अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया रविवार को कराई जाएगी।
करीब 20 फीट गहरी खुदाई में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार पिपराली रोड पर आदर्श गर्ल्स निजी हॉस्टल के पास सीवरेज के सेफ्टी टैंक का निर्माण कराया जा रहा था। इसके लिए मजदूर करीब 20 फीट गहरी खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा और वहां काम कर रहा सिकंदर अली मलबे में दब गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
लगातार धंस रही मिट्टी ने बढ़ाई रेस्क्यू टीम की चुनौती
मजदूर के दबे होने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि खुदाई वाले हिस्से में मिट्टी बार-बार खिसक रही थी, जिससे रेस्क्यू टीम के लिए नीचे उतरना जोखिम भरा हो गया। मजदूर तक पहुंचने के दौरान टीम को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। जयपुर से एसडीआरएफ की टीम भी मौके के लिए रवाना की गई। वहीं स्थानीय सिविल डिफेंस की टीम ने लंबे समय तक अभियान में जुटकर मलबे को हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने का प्रयास किया।
लोहे के पाइप से मिट्टी को रोकने की कोशिश
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिट्टी के लगातार कटाव को रोकना सबसे बड़ी चुनौती बनी रही। सिविल डिफेंस की टीम ने खुदाई वाले हिस्से में लोहे के पाइप का इस्तेमाल कर मिट्टी को सहारा देने का प्रयास किया। इसके बाद टीम के सदस्यों के लिए नीचे उतरकर मजदूर तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। बचाव अभियान के दौरान सिविल डिफेंस के कैलाश मीणा टैंक के भीतर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मजदूर के शव को बाहर निकालने में सफलता मिली।
रात 2 बजे तक चला अभियान
हादसे के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 12 घंटे तक जारी रहा। टीमों को लगातार मिट्टी खिसकने के कारण कई बार अभियान रोककर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी। आखिरकार रात करीब 2 बजे सिकंदर अली के शव को बाहर निकाला गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह, उद्योग नगर थाना अधिकारी राजेश बुडानिया सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे बचाव अभियान की निगरानी की और रेस्क्यू टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परिवार में पसरा मातम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक मजदूर के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। 28 वर्षीय सिकंदर अली की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव को निकालने के बाद पुलिस ने उसे कल्याण अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। रविवार, 9 अगस्त को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।