बांध बरेठा का जलस्तर 26 फीट पार, गेट खुलने की चेतावनी; निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी
भरतपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते ऐतिहासिक बांध बरेठा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार जलस्तर 26 फीट के करीब पहुंच चुका है और 27 फीट का आंकड़ा पार होते ही बांध के गेट खोले जा सकते हैं। संभावित जल निकासी को देखते हुए प्रशासन ने कुकुंद नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।
लगातार बारिश से बांध में बढ़ी पानी की आवक
भरतपुर के कैचमेंट क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का असर अब बांध बरेठा पर साफ दिखाई देने लगा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है, जिससे जलस्तर तेजी से ऊपर पहुंच रहा है। वर्तमान में गेज 26 फीट के आसपास दर्ज किया गया है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर जल्द ही 27 फीट तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा कारणों से बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ सकती है। प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी
संभावित जल निकासी को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि नदी किनारों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। ग्रामीणों को प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
कुकुंद नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों पर असर की आशंका
बांध बरेठा से छोड़ा गया पानी कुकुंद नदी में प्रवाहित होता है। नदी के किनारे लगभग 40 से 50 गांव बसे हुए हैं, जिनमें से 15 से 20 गांव सीधे जल बहाव क्षेत्र में आते हैं। प्रशासन द्वारा जिन गांवों को संवेदनशील माना गया है, उनमें वस्त्रावली, सूपा, नारोली, कोठी खेड़ा, पूराबाई खेड़ा, बाईखेड़ा, सेवला, सतपुरा और संतोपुरा प्रमुख हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
हाईवे पर पड़ सकता है असर, एसडीआरएफ रहेगी तैनात
बांध के गेट खुलने के बाद बयाना-बसेड़ी स्टेट हाईवे पर पानी भरने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे हालात में छोटे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो सकती है, जबकि भारी वाहन ही मार्ग का उपयोग कर पाते हैं। प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार चेतावनी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और अन्य राहत दलों को तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।