राजगढ़ में कांवड़ियों के लिए 6 दिवसीय सेवा शिविर शुरू, ठहरने-भोजन से लेकर चिकित्सा तक की व्यवस्था
राजगढ़-अलवर मेगा हाईवे पर कोठीनारायणपुर बाईपास स्थित एक विद्यालय परिसर में कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए छह दिवसीय सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए इस शिविर में कांवड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। शिविर 6 से 11 अगस्त तक संचालित होगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ
राजगढ़-अलवर मेगा हाईवे मार्ग स्थित कोठीनारायणपुर बाईपास पर आयोजित कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। पंडित अजय महाराज और पंडित शानू शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर शिविर का उद्घाटन कराया। वहीं अवधूत आश्रम के महंत अमन भारती महाराज ने भगवान भोलेनाथ का पूजन कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयघोष के साथ शिविर की शुरुआत का स्वागत किया।
कांवड़ियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध
समाजसेवी अशोक पंसारी ने बताया कि 6 से 11 अगस्त तक चलने वाले इस सेवा शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए ठहरने, विश्राम, भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। शिविर का उद्देश्य लंबी यात्रा पर निकले शिवभक्तों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी यात्रा आरामदायक ढंग से पूरी कर सकें।
जनसहयोग से लगाया गया सेवा शिविर
आयोजकों ने बताया कि यह सेवा शिविर राजगढ़ कस्बे के नागरिकों, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने शिवभक्तों की सेवा को पुण्य कार्य मानते हुए शिविर के संचालन में सक्रिय योगदान दिया है। आयोजकों का कहना है कि सेवा भाव से लगाए गए इस शिविर में आने वाले प्रत्येक कांवड़ यात्री का स्वागत किया जाएगा।
शाम को होगी भजन संध्या, पहुंचने लगे कांवड़ियों के जत्थे
शिविर में कांवड़ यात्रियों के जत्थों का आगमन शुरू हो चुका है। आयोजन समिति ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिदिन शाम 8 बजे से 10 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिव भजनों और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तिमय माहौल बनाया जाएगा। उद्घाटन समारोह में प्रदीप महावर, संजय राजस्थानी, बाबूलाल डायला, राजेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।