CJP प्रवक्ता सौरव दास ने लगाया घर में घुसकर वीडियो बनाने का आरोप, दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया है कि उनकी गैरमौजूदगी में कुछ यूट्यूबर्स और अन्य लोग उनके दिल्ली स्थित आवास में बिना अनुमति प्रवेश कर गए और घर के अंदर के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। दास ने इसे निजता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताते हुए दिल्ली पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घर में अवैध प्रवेश का लगाया आरोप
सौरव दास का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति के दौरान कुछ लोगों ने बिना अनुमति उनके घर में प्रवेश किया और अंदर की वीडियो रिकॉर्डिंग की। उनके अनुसार बाद में यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए। दास ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधि न केवल उनकी निजी जिंदगी में दखल है, बल्कि परिवार की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है।
दिल्ली पुलिस को भेजी औपचारिक शिकायत
सौरव दास ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंप दी है। शिकायत में उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कथित आपराधिक घर में घुसपैठ, आपराधिक धमकी, मानहानि और साजिश जैसे आरोपों के तहत जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर कथित तौर पर घर के अंदर के वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि निजी आवास के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करना उनकी निजता का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस घटना के बाद उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़ी कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
CJP ने भी जताई चिंता
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है। पार्टी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के निजी आवास में बिना अनुमति प्रवेश कर वीडियो बनाना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। पार्टी ने संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।