‘मैं भी सरकारी स्कूल में पढ़ा हूं…’, छात्राओं की कैबिनेट से मिले CM मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम में छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की छात्रा कैबिनेट से मुलाकात की, शिक्षा, अनुशासन और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा की तथा विद्यार्थियों को मेहनत, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
छात्राओं की ‘कैबिनेट’ से मिलकर हुए प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को विद्यालय में छात्राओं की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई कैबिनेट के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने मंच पर कैबिनेट के सदस्यों को बुलाकर उनके दायित्वों के बारे में जाना। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में स्पोर्ट्स, कल्चरल, अनुशासन, हेड गर्ल और अन्य जिम्मेदारियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए तय की जाती हैं। छात्राएं चुनाव प्रचार करती हैं, मतदान होता है और एक वर्ष के लिए कैबिनेट का गठन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे नेतृत्व क्षमता विकसित करने का बेहतर माध्यम बताया।
‘मैं भी सरकारी स्कूल में पढ़ा हूं’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्राओं से आत्मीय अंदाज में कहा कि उनका भी शुरुआती शिक्षण सरकारी स्कूल में ही हुआ था। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिनका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी सिखानी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपने सपनों को मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ पूरा करने का आह्वान किया।
AI का उपयोग करें, लेकिन सोच अपनी रखें
संवाद के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ChatGPT जैसे डिजिटल टूल्स को लेकर सवाल पूछे। जवाब में उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग सीखने और जानकारी बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी जानकारी पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय तथ्यों की जांच और स्वयं की समझ का इस्तेमाल भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि नई तकनीक को सहायक उपकरण की तरह अपनाएं, लेकिन अपनी तार्किक सोच और विश्लेषण क्षमता को हमेशा प्राथमिकता दें।
शिक्षकों और छात्राओं को दिया प्रेरक संदेश
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी संवाद करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेती, उद्यमिता, सेना, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने छात्राओं से तनाव प्रबंधन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।