SDM थप्पड़कांड में नया मोड़, जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा फिर जाएंगे जेल
राजस्थान के चर्चित देवली-उनियारा SDM थप्पड़कांड में मुख्य आरोपी और पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को एक बार फिर जेल जाना होगा। एससी-एसटी विशेष अदालत द्वारा उनकी सशर्त जमानत रद्द किए जाने के बाद वह गुरुवार को नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण करेंगे। पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी। साथ ही, अदालत के निर्देश पर उनकी चल-अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड भी जुटाया जा रहा है।
जमानत रद्द होने के बाद गुरुवार को करेंगे सरेंडर
एसडीएम थप्पड़कांड के आरोपी नरेश मीणा गुरुवार को नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण करेंगे। जानकारी के अनुसार वह सुबह जयपुर से रवाना होकर निर्धारित समय पर थाने पहुंचेंगे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी। नरेश मीणा को पहले राजस्थान हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी, लेकिन बाद में पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। इस आधार पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने एससी-एसटी विशेष अदालत में जमानत निरस्त करने की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी।
झालावाड़ प्रदर्शन बना जमानत रद्द होने का आधार
पुलिस के अनुसार, झालावाड़ जिले में एक प्रदर्शन के दौरान नरेश मीणा की गिरफ्तारी को उनकी जमानत की शर्तों के उल्लंघन के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस का तर्क था कि जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद अदालत ने उपलब्ध तथ्यों पर विचार करते हुए जमानत रद्द करने का आदेश दिया। वहीं, नरेश मीणा के समर्थकों का कहना है कि वह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और इसे जमानत रद्द करने का आधार बनाना उचित नहीं है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस जारी है।
कोर्ट के निर्देश पर संपत्ति का रिकॉर्ड जुटा रही पुलिस
अदालत के आदेश के बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस नरेश मीणा की चल-अचल संपत्तियों का विवरण भी एकत्र कर रही है। इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायत से रिकॉर्ड मांगा गया है ताकि उसे अदालत में प्रस्तुत किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है। फिलहाल संबंधित दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
क्या है चर्चित SDM थप्पड़कांड?
यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान सामने आया था। आरोप है कि समरावता गांव में मतदान केंद्र पर नरेश मीणा ने तत्कालीन उपखंड अधिकारी (SDM) अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पथराव और आगजनी की घटनाएं भी हुईं। अगले दिन पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था और मामले में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया। करीब नौ महीने बाद हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी, जिसे अब विशेष अदालत ने कथित शर्तों के उल्लंघन के आधार पर रद्द कर दिया है।
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