70 लाख के कर्ज से टूटे लोकसभा के संयुक्त निदेशक, नोएडा स्थित घर में फंदे से लटके मिले; सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में लोकसभा सचिवालय में संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत 40 वर्षीय गौरव गौतम मृत अवस्था में अपने फ्लैट में मिले। प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटनास्थल से कई पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें भारी आर्थिक कर्ज और मानसिक तनाव का उल्लेख किया गया है। पुलिस पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच कर रही है और सभी पहलुओं से जांच जारी है।
घर में अकेले थे अधिकारी, पत्नी लौटने पर हुआ घटना का खुलासा
पुलिस के अनुसार, गौरव गौतम नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में अपने परिवार के साथ रहते थे। घटना वाले दिन उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं, जबकि गौरव घर पर अकेले थे। शाम को जब पत्नी वापस लौटीं तो मुख्य दरवाजा बंद मिला। कई बार कॉल करने और आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों की मदद से दरवाजा खोला गया, जहां गौरव पंखे से लटके मिले। उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
सुसाइड नोट में आर्थिक संकट और कर्ज का जिक्र
घटनास्थल से पुलिस को कई पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जांच में सामने आया कि नोट में गौरव गौतम ने स्वयं को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने लिखा कि लगातार आर्थिक नुकसान और बढ़ते खर्चों के कारण उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था, जिसे चुकाना उनके लिए संभव नहीं रह गया था। नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि उनके इस फैसले के लिए परिवार के किसी सदस्य को जिम्मेदार न माना जाए। पुलिस नोट की हैंडराइटिंग और अन्य तथ्यों की फॉरेंसिक जांच कराकर उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करेगी।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
मामले की जांच कर रही पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन, सुसाइड नोट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक लेन-देन, कर्ज के स्रोत और अन्य परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अभी तक परिजनों की ओर से किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार भी सदमे में, नहीं थी आर्थिक परेशानी की जानकारी
गौरव गौतम के निधन से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी भी अपनी आर्थिक परेशानियों या कर्ज के बारे में खुलकर चर्चा नहीं की थी। परिवार का मानना है कि यदि उन्होंने समय रहते अपनी समस्या साझा की होती तो संभवतः कोई समाधान निकाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कर्ज किन परिस्थितियों में लिया गया और आर्थिक दबाव किस स्तर तक पहुंच चुका था।
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