कोटा में पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़ा हादसा: चंबल नदी में छलांग लगाने से तस्करी के दो आरोपियों की मौत
कोटा ग्रामीण पुलिस के ‘ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस’ के दौरान मंगलवार सुबह पुलिस से बचने की कोशिश में तस्करी के दो संदिग्ध आरोपी चंबल नदी पुल से नीचे कूद गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल के पास 117 किलो डोडा चूरा भी बरामद किया है। मामले की जांच जारी है और दूसरे मृतक की पहचान की जा रही है।
नाकाबंदी तोड़कर भागे, पुल पर छोड़ दी कार
कोटा ग्रामीण पुलिस तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस’ चला रही है। इसी अभियान के तहत मंडावरा क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की थी। सुबह एक कार को रोकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और नाकाबंदी तोड़कर तेज गति से फरार हो गया। पुलिस ने पीछा किया तो करीब 15 किलोमीटर दूर चंबल नदी के पुल पर कार लावारिस हालत में खड़ी मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार में सवार दोनों व्यक्ति पुलिस से बचने के लिए पुल से नीचे कूद गए थे।
करीब 100 फीट नीचे गिरने से गई जान
बूढ़ादीत थाना पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी जिस स्थान से कूदे वहां नदी में पर्याप्त पानी नहीं था, बल्कि नीचे मिट्टी और पथरीला क्षेत्र था। लगभग 100 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल और एमओबी टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है।
117 किलो डोडा चूरा बरामद, तस्करी की आशंका
घटनास्थल और नाकाबंदी के बीच तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 117 किलो डोडा चूरा बरामद किया। पुलिस का मानना है कि पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों ने यह मादक पदार्थ रास्ते में फेंका था। बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किस नेटवर्क से जुड़े थे और यह खेप कहां से लाई जा रही थी तथा किस स्थान पर पहुंचाई जानी थी।
एक की पहचान, दूसरे की शिनाख्त जारी
कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान पंजाब के संगरूर निवासी राज सिंह के रूप में हुई है, जबकि दूसरे व्यक्ति की पहचान के प्रयास जारी हैं। दोनों शवों को सुल्तानपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस कार के नंबर, उसके स्वामित्व और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।