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निकाय चुनाव से पहले राजस्थान भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, घनश्याम तिवाड़ी को मिली घोषणा पत्र समिति की कमान

राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में अहम बदलाव किए हैं। प्रदेश नेतृत्व ने संभागीय चुनाव संचालन समिति की संशोधित सूची जारी करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियां बदली हैं। इस फेरबदल में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को स्थानीय निकाय चुनाव घोषणा पत्र समिति का प्रमुख दायित्व सौंपा गया है। भाजपा का यह कदम चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जयपुर, अजमेर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में बदले प्रभार

संशोधित सूची के अनुसार जयपुर, अजमेर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में कई नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। घनश्याम तिवाड़ी के घोषणा पत्र समिति में शामिल होने के बाद जयपुर संभाग में उनकी जगह पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्न चंद मेहता को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पूर्व विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित को भरतपुर से जयपुर संभाग में भेजा गया है। अजमेर संभाग की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को सौंपी गई है, जबकि अशोक परनामी को भरतपुर संभाग का दायित्व मिला है। बीकानेर संभाग में राजेंद्र गहलोत और ज्योति मिर्धा को शामिल किया गया है।

घोषणा पत्र समिति की कमान संभालेंगे घनश्याम तिवाड़ी

भाजपा ने नगरीय निकाय चुनावों के लिए अलग से घोषणा पत्र समिति का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को सौंपी गई है। समिति में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, पूर्व राज्यसभा सांसद राजेंद्र कुमार गहलोत, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नगर निकायों के पूर्व महापौरों को भी समिति का हिस्सा बनाया गया है, ताकि स्थानीय स्तर के अनुभवों के आधार पर व्यावहारिक और जनहित से जुड़ा घोषणा पत्र तैयार किया जा सके।

स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होगा भाजपा का घोषणा पत्र

भाजपा की घोषणा पत्र समिति राज्यभर के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर सुझाव एकत्र करेगी। समिति का फोकस शहरी विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, यातायात, सीवरेज, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक सेवाओं जैसे विषयों पर रहेगा। पार्टी का उद्देश्य विभिन्न वर्गों और स्थानीय प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर ऐसा घोषणा पत्र तैयार करना है, जो शहरी मतदाताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप हो और चुनाव में पार्टी की रणनीति को मजबूती प्रदान करे।

सिर्फ सात दिन में बदलाव क्यों, बढ़ीं राजनीतिक चर्चाएं

भाजपा द्वारा महज एक सप्ताह के भीतर चुनाव संचालन समिति में संशोधन किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने, वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का बेहतर उपयोग करने और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इन बदलावों को नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा हर स्तर पर मजबूत चुनावी तैयारी के संकेत दे रही है और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।

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