अजमेर में प्रतिबंधित इंजेक्शन मामला गरमाया, BJP ने लगाए गंभीर आरोप; उच्च स्तरीय जांच की मांग
अजमेर में प्रतिबंधित इंजेक्शन और कथित फर्जी बिलिंग का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि जांच के शुरुआती चरण में कांग्रेस से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं। पार्टी ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वहीं, मामले में औषधि नियंत्रण विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है।
प्रतिबंधित इंजेक्शन बिक्री को लेकर BJP ने उठाए सवाल
अजमेर शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित इंजेक्शन और फर्जी बिलिंग का मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाला गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री समाज के लिए बड़ा खतरा है। भाजपा ने प्रशासन से पूरे नेटवर्क की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कहां-कहां तक पहुंच रही थी।
मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
जिला औषधि नियंत्रण विभाग ने दरगाह क्षेत्र के अंदरकोट स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित दवाओं से जुड़े मामले में जांच शुरू की थी। विभाग ने नियमों के उल्लंघन के चलते मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की। भाजपा का कहना है कि इससे पहले भी संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। पार्टी ने सवाल उठाया कि बार-बार कार्रवाई के बावजूद प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कैसे जारी रही।
कांग्रेस पदाधिकारियों के नाम सामने आने का BJP का दावा
भाजपा नेताओं का दावा है कि विभागीय जांच में फर्जी बिल और व्यापारिक लेनदेन से जुड़े मामलों में शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष सैयद फखरे मोईन चिश्ती सहित एक अन्य कांग्रेस पदाधिकारी का नाम सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कलेक्टर और एसपी से मिलकर की कार्रवाई की मांग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर लोक बंधु और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला से मुलाकात कर मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए केवल स्थानीय स्तर की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गिरधर शर्मा सहित अन्य नेताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
युवाओं को नशे से बचाने की बताई जरूरत
भाजपा नेताओं ने कहा कि नशीली दवाओं की उपलब्धता युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच, दवा बिक्री की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी राजनीतिक या प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
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