बालोतरा सरकारी स्कूल विवाद: महिला शिक्षिकाओं की हाथापाई का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
राजस्थान के बालोतरा जिले के एक सरकारी विद्यालय में दो महिला शिक्षिकाओं के बीच हुए विवाद का मामला सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तूल पकड़ गया। शिक्षा विभाग ने घटना की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग ने विद्यालय परिसर में इस तरह की घटना को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना है।
स्कूल परिसर में विवाद ने लिया हाथापाई का रूप
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तिरसिंगड़ी सोढ़ा में स्कूल समय के दौरान दो महिला शिक्षिकाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरा घटनाक्रम मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अगले दिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए
जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक शिक्षा, बालोतरा के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई। संबंधित अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि ड्यूटी के दौरान विद्यालय परिसर में शिक्षिकाओं के बीच मारपीट हुई, जिसे सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।
एक शिक्षिका निलंबित, विभाग ने बताया गंभीर मामला
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तिरसिंगड़ी सोढ़ा में कार्यरत शिक्षिका उमा देवी सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग ने अपने आदेश में कहा कि विद्यालय परिसर में इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के सामने गलत संदेश जाता है और विद्यालय की छवि भी प्रभावित होती है। आदेश में इस घटना को राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के नियम-4 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना गया है।
निलंबन अवधि में कार्यालय अटैच, विभागीय कार्रवाई जारी
शिक्षा विभाग ने निलंबन अवधि के दौरान उमा देवी सैनी का मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, पाटोदी कार्यालय निर्धारित किया है। साथ ही संबंधित शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन कार्यमुक्त करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, दूसरी शिक्षिका के संबंध में विभाग की ओर से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार आगे की कार्रवाई जांच प्रक्रिया के आधार पर तय की जाएगी।