अजमेर के सरकारी स्कूल में छात्राओं से कथित आपत्तिजनक चैट का मामला: एक शिक्षक गिरफ्तार, दूसरा फरार
राजस्थान के अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल में दो छात्राओं से कथित आपत्तिजनक चैट और छेड़छाड़ के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है। मामले में पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर एक शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है। वहीं, शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने के आरोप में स्कूल की महिला प्राचार्य को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस और शिक्षा विभाग अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।
छात्राओं की शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
जांच अधिकारियों के अनुसार, दो छात्राओं ने अपने परिजनों को बताया कि स्कूल के दो शिक्षक उनके मोबाइल पर कथित रूप से आपत्तिजनक संदेश भेजते थे और उनके साथ अनुचित व्यवहार भी करते थे। इसके बाद 24 जुलाई को परिजन छात्राओं को लेकर स्कूल पहुंचे और प्राचार्य को शिकायत दी। साथ ही संबंधित थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पुलिस ने जांच के दौरान एक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वहीं, दूसरा आरोपी शिक्षक अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और संबंधित बयानों की भी जांच की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
प्राचार्य पर लापरवाही के आरोप
परिजनों का आरोप है कि छात्राओं ने पहले स्कूल की प्राचार्य को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी, लेकिन तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बाद में परिजनों के विरोध के बाद कथित रूप से मोबाइल की जांच की गई और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया। ये आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।
शिक्षा विभाग ने की निलंबन की कार्रवाई
मामले की रिपोर्ट ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से संयुक्त निदेशक को भेजी गई। रिपोर्ट के आधार पर दोनों आरोपित शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही, मामले में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में महिला प्राचार्य को भी निलंबित किया गया है। पुलिस की आपराधिक जांच और शिक्षा विभाग की विभागीय कार्रवाई समानांतर रूप से जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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