जयपुर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर आंदोलन तेज: टंकी पर डटे NSUI छात्र, रोड जाम और आमरण अनशन की चेतावनी
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जयपुर में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। टोंक फाटक क्षेत्र में पानी की टंकी पर चढ़े एनएसयूआई (NSUI) के तीन छात्र कई घंटों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने अब तक उनसे बातचीत नहीं की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र करते हुए रोड जाम और आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे।
टंकी पर डटे छात्रों ने सरकार को दी नई चेतावनी
गुरुवार सुबह से टोंक फाटक पुलिया के पास पानी की टंकी पर बैठे तीनों छात्र छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका आरोप है कि रातभर टंकी पर रहने के बावजूद प्रशासन ने वार्ता के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। इसी कारण उन्होंने घोषणा की कि यदि सरकार ने जल्द बातचीत शुरू नहीं की तो युवा सड़क पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन और रोड जाम करेंगे।
आमरण अनशन का ऐलान, खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पहले सरकार को दो घंटे का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि इस दौरान कोई जवाब नहीं मिला तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे। छात्रों का कहना है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, टंकी पर उनके पास भोजन की कोई व्यवस्था नहीं थी और केवल पीने का पानी उपलब्ध था, जो बाद में समाप्त हो गया। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
छात्रों ने रखीं दो प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी दो मुख्य मांगें सार्वजनिक की हैं। पहली मांग छात्रसंघ चुनावों की बहाली है। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन्हें जल्द कराया जाना चाहिए। दूसरी मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित लाठीचार्ज की घटना तथा बिहार में छात्रों पर गोली चलने की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की है। इन दोनों मांगों को लेकर छात्र लगातार सरकार से जवाब देने की अपील कर रहे हैं।
शुभम रेवाड़ का अनशन भी जारी, पुलिस कार्रवाई पर विवाद
इसी बीच राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र नेता शुभम रेवाड़ का अनशन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार जारी है। हालांकि शुभम रेवाड़ ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। दूसरी ओर, छात्रों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें – राजस्थान में पहचान चोरी का बड़ा मामला: जूता कारीगर के नाम पर फर्जी कंपनी, 6.78 करोड़ का GST नोटिस