राम मंदिर चंदे पर संसद में अनोखा विरोध: दानपेटी लेकर पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने किया प्रतीकात्मक चढ़ावा
संसद के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दानपेटी लेकर संसद परिसर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में चढ़ावा डालकर चंदे में पारदर्शिता की मांग उठाई। इस प्रदर्शन ने संसद परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक बहस को तेज कर दिया।
दानपेटी के जरिए विपक्ष ने उठाया पारदर्शिता का सवाल
विपक्षी दलों का कहना है कि अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से एकत्र किए गए चंदे से जुड़ी जानकारी पूरी तरह सार्वजनिक होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्रों में दानपेटी लेकर पहुंचे और इसे जनता की आस्था से जुड़े मुद्दे पर जवाबदेही की मांग का प्रतीक बताया। विपक्ष का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
राहुल गांधी ने किया प्रतीकात्मक चढ़ावा
प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक चर्चा उस समय हुई जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आगे बढ़े और दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से चढ़ावा डाला। उनके साथ कई अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद रहे। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांग दोहराई। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। विपक्ष ने इसे सांकेतिक प्रदर्शन बताया और कहा कि इसका उद्देश्य केवल चंदे से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता की मांग करना है।
अलग अंदाज के विरोध के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं पप्पू यादव
पप्पू यादव अपने अनोखे विरोध प्रदर्शनों के लिए पहले भी सुर्खियां बटोर चुके हैं। इससे पहले वे छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद परिसर में माथे पर पट्टी बांधकर और हाथ में लाठी लेकर पहुंचे थे। इस बार साधु के वेश और दानपेटी के साथ उनका प्रदर्शन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। उनके इस अंदाज ने एक बार फिर संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन को अलग पहचान दी।
मानसून सत्र में जारी है सत्ता-विपक्ष का टकराव
संसद के मौजूदा मानसून सत्र में विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहा है। पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और अन्य राजनीतिक विषयों के साथ अब राम मंदिर चंदे का मुद्दा भी प्रमुख बहस का हिस्सा बन गया है। विपक्ष इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण है। फिलहाल इस प्रदर्शन ने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।
इसे भी पढ़ें – PM मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो पर कार्रवाई: हैदराबाद में FIR, BJP नेता ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप