जोधपुर में चार्जिंग के दौरान EV में आग, 8 दुपहिया वाहन जलकर राख
जोधपुर के सरदारपुरा इलाके में चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में बड़ा रूप ले लिया। आग की चपेट में आकर आठ दोपहिया वाहन पूरी तरह जल गए। समय पर दमकल पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
चार्जिंग के दौरान अचानक भड़की आग
जोधपुर के सरदारपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक मकान के बाहर चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन में अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते वाहन में आग भड़क गई और कुछ ही पलों में लपटों ने आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान उठते धुएं और आग की लपटों ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने करीब 30 मिनट तक लगातार प्रयास कर आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, तब तक आठ दुपहिया वाहन पूरी तरह जल चुके थे और केवल उनका ढांचा ही बचा था। राहत की बात यह रही कि हादसा सुबह के समय हुआ और आग किसी मकान या अन्य संपत्ति तक नहीं पहुंची। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस और संबंधित तकनीकी विभाग घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग चार्जिंग सिस्टम की खराबी से लगी या किसी अन्य तकनीकी कारण से। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से आसपास के लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कचरा फेंकने पर कार्रवाई, फायर NOC नहीं होने पर नोटिस
इधर, जोधपुर नगर निगम ने बोम्बे मोटर्स सर्कल स्थित एक कार एक्सेसरीज़ शोरूम पर सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने के मामले में कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर निरीक्षण करने पहुंची निगम टीम ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 के तहत शोरूम संचालक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जांच के दौरान शोरूम में फायर एनओसी भी नहीं मिली, जिसके बाद संचालक को 24 घंटे के भीतर फायर एनओसी प्राप्त करने का नोटिस जारी किया गया।
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