अलवर के युवक के पैन कार्ड पर कथित फर्जी कारोबार, 11.95 करोड़ के लेन-देन की जांच शुरू
अलवर में पहचान संबंधी धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसके पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर दिल्ली की एक फर्म ने जीएसटी पंजीकरण कराया और करीब 11.95 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैन कार्ड के कथित दुरुपयोग का मामला, कोर्ट के आदेश पर FIR
अलवर जिले के अरावली विहार थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसके पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर दिल्ली में एक फर्म के नाम से जीएसटी पंजीकरण कराया गया और करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया गया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का प्रतीत होता है।
कारोबार शुरू करने की तैयारी में हुआ कथित फर्जीवाड़े का खुलासा
शिकायतकर्ता अंकित कुमार यादव के अनुसार, जब वह अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास पहुंचे तो ऑनलाइन जांच में पता चला कि उनके पैन कार्ड पर पहले से जीएसटी पंजीकरण दर्ज है। इसके बाद जीएसटी और आयकर विभाग के रिकॉर्ड की जांच करने पर जानकारी मिली कि दिल्ली स्थित एक फर्म कथित रूप से 28 मार्च 2023 से उनके पैन का उपयोग कर कारोबार कर रही है। इस खुलासे के बाद उन्होंने संबंधित दस्तावेज जुटाकर मामले की शिकायत विभिन्न विभागों से की।
दो वर्षों में करीब 11.95 करोड़ रुपये के कारोबार का आरोप
शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में शिकायतकर्ता के नाम पर लगभग 2.62 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में करीब 9.33 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया। इस तरह दो वित्तीय वर्षों में कुल लगभग 11.95 करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड सामने आया। पीड़ित का दावा है कि उसने कभी ऐसा कोई व्यापार नहीं किया और न ही इस कारोबार से उसका कोई संबंध है। पुलिस अब इन वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है।
जीएसटी पंजीकरण से किया इनकार, बैंक खाते पर भी उठे सवाल
अंकित यादव का कहना है कि उन्होंने कभी जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया और उनका कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी नहीं है। उनके अनुसार, उनका केवल पंजाब नेशनल बैंक की अलवर शाखा में बचत खाता है, जबकि जीएसटी रिकॉर्ड में किसी अन्य मोबाइल नंबर और दिल्ली स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा के खाते का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि पूरे मामले में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इसकी गहन जांच की जानी चाहिए।
पुलिस सभी पहलुओं की करेगी जांच
अरावली विहार थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच उप निरीक्षक को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि शिकायतकर्ता के पैन कार्ड पर जीएसटी पंजीकरण किस प्रक्रिया से हुआ, कथित फर्जी कारोबार किसने संचालित किया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस ने कहा कि दस्तावेजी साक्ष्यों, विभागीय रिकॉर्ड और तकनीकी तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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