‘संकल्प पत्र का वादा कब होगा पूरा?’ शिक्षा विभाग की रिक्तियों पर गहलोत ने भजनलाल सरकार को घेरा
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों को लेकर भजनलाल सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा के 2023 विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने एक वर्ष के भीतर सभी रिक्तियां भरने का वादा किया था, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली हैं। गहलोत ने इसे छात्रों, शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से चुनावी वादे पर जवाब मांगा।
संकल्प पत्र के वादे की याद दिलाते हुए सरकार से पूछा सवा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा करते हुए भाजपा सरकार को उसके 2023 के चुनावी संकल्प पत्र की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने शिक्षा विभाग की सभी रिक्तियां एक वर्ष के भीतर भरने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार का कार्यकाल ढाई वर्ष से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली हैं। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब यह वादा सार्वजनिक रूप से किया गया था, तो उसे पूरा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है और सरकार इस संबंध में स्पष्ट समय-सीमा क्यों नहीं बता रही।
शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को लेकर जताई चिंता
अशोक गहलोत ने दावा किया कि प्रदेश के शिक्षा विभाग में वर्तमान समय में लगभग डेढ़ लाख पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक और प्राचार्य सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां नहीं होने से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने से विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण एक शिक्षक को एक साथ कई कक्षाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। उनके अनुसार विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
पूर्व सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
गहलोत ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर भर्तियां कर युवाओं को रोजगार देने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को भी अपने चुनावी वादों के अनुरूप रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करनी चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में लंबे समय तक रिक्तियां बने रहना राज्य के विकास और विद्यार्थियों के भविष्य दोनों के लिए चिंता का विषय है।
भर्ती प्रक्रिया बना राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा
राजस्थान में सरकारी भर्तियां और शिक्षा विभाग की रिक्तियां लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रही हैं। विपक्ष सरकार से भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग कर रहा है, जबकि राज्य सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया और पदों की समीक्षा किए जाने की बात कहती रही है। आने वाले समय में शिक्षा विभाग की नई भर्तियां और चुनावी वादों के क्रियान्वयन का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में अहम विषय बना रह सकता है।