प्रियंका गांधी का पलटवार: ‘सच बोलना अगर गैर-संसदीय है तो सजा मंजूर’, प्रह्लाद जोशी पर फिर उठाए सवाल
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ने के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी गैर-संसदीय नहीं थी, बल्कि उन्होंने तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि सच बोलने के लिए उन्हें सजा भी मिलती है तो वह अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगी। वहीं भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक और व्यक्तिगत हमला बताया है।
‘सच बोलने से पीछे नहीं हटूंगी’ – प्रियंका गांधी
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनकी टिप्पणी में कुछ भी गैर-संसदीय नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अपनी बात और तथ्यों को सदन के सामने रखा है। प्रियंका ने कहा, “अगर सच बोलने के लिए मुझे सजा दी जाती है तो मैं वह भी स्वीकार करूंगी, लेकिन सच बोलना नहीं छोड़ूंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
प्रह्लाद जोशी पर फिर लगाए आरो
प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी एक घटना तक सीमित नहीं थी, बल्कि महिलाओं के प्रति कथित रवैये से जुड़े व्यापक संदर्भ में थी। उन्होंने 2009 के मैंगलुरु पब हमला मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस प्रकरण से जुड़े एक व्यक्ति को भाजपा में शामिल किया गया था। हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों को पहले ही खारिज किया जा चुका है और संबंधित तथ्यों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं।
लोकसभा में बयान के बाद बढ़ा था विवाद
यह विवाद लोकसभा में परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ। बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी की, जिसके बाद सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद पर व्यक्तिगत आरोप लगाने और भ्रामक जानकारी पेश करने का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष ने भी सदस्यों से बिना प्रमाण के आरोप लगाने से बचने और संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
गौरव गोगोई ने पेलेट गन मामले पर सरकार से मांगा जवाब
इसी दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पेलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में इस विषय पर स्पष्ट बयान देना चाहिए। गोगोई ने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ तो उसका आदेश किस स्तर से दिया गया। इस मामले में जांच जारी है और दिल्ली पुलिस ने भी संबंधित घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू कर रखी है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
प्रियंका गांधी के ताजा बयान के बाद संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति और जवाबदेही का मुद्दा बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि विपक्ष तथ्यों के बजाय व्यक्तिगत आरोपों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।