आबूरोड में अधूरे सीवरेज कार्य की बड़ी लापरवाही, दलदल में फंसी 35 बच्चों से भरी स्कूल बस
राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड में अधूरे सीवरेज कार्य और बारिश के बीच बड़ी लापरवाही सामने आई। गांधीनगर मुख्य पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास दलदल में 35 विद्यार्थियों से भरी एक निजी स्कूल बस फंस गई। चालक की सतर्कता और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद इलाके में लंबा जाम लग गया और सीवरेज परियोजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे।
बारिश और अधूरे सीवरेज कार्य ने बढ़ाई मुश्किल
मंगलवार को लगातार बारिश के बीच गांधीनगर मुख्य पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास सड़क की मिट्टी धंसने और दलदल बनने से एक निजी स्कूल बस बीच रास्ते में फंस गई। बस में करीब 35 विद्यार्थी सवार थे। स्थिति बिगड़ती देख चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में दूसरी बस की व्यवस्था कर विद्यार्थियों को विद्यालय भेजा गया। समय रहते राहत मिलने से बड़ा हादसा टल गया।
घंटों लगा जाम, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
घटना के बाद मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों तक जाम का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश और अधूरी खुदाई के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे आवागमन जोखिम भरा बन गया है। कई घंटे की मशक्कत के बाद भी यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है।
नागरिकों ने निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
स्थानीय नागरिकों ने सीवरेज निर्माण कार्य कर रही एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी संकेत और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए सड़कें खोद दी गई हैं। इससे रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और आमजन के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पहले भी हो चुके हादसे, कार्रवाई की उठी मांग
घटना की सूचना मिलने पर पूर्व पालिका उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह और नेता प्रतिपक्ष भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज परियोजना के दौरान पहले भी गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, अधूरे कार्य को सुरक्षित ढंग से पूरा कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
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