अलवर में नए न्यायिक भवन का 13 साल का इंतजार खत्म, अगले माह हो सकता है उद्घाटन
अलवर में नए न्यायिक भवन को लेकर करीब 13 साल से चल रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। मिनी सचिवालय के पास करीब 96 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन का उद्घाटन अगले महीने होने की संभावना है। पंचायत और नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इसका लोकार्पण करने की तैयारी चल रही है।
हालांकि, फिलहाल सभी कोर्ट और वकीलों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण पूरी तरह शिफ्टिंग नहीं की जाएगी। नए भवन में 28 कोर्ट कक्ष बनाए गए हैं, जबकि वर्तमान में जिले में कुल 38 कोर्ट संचालित हो रहे हैं। ऐसे में भवन के विस्तार की योजना भी तैयार की गई है।
इसके लिए पशुपालन विभाग की करीब साढ़े तीन बीघा जमीन और मिनी सचिवालय के पीछे की 1465 वर्ग गज भूमि न्याय विभाग को देने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे समिति ने मंजूरी दे दी है। अब सरकार की स्वीकृति मिलते ही विस्तार कार्य शुरू होगा।
इधर, कोर्ट शिफ्टिंग और वकीलों के चैंबर की कमी को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने मंगलवार दोपहर 2 बजे आमसभा बुलाई है। बार एसोसिएशन के सचिव रामकिशन गुर्जर का कहना है कि जब तक सभी कोर्ट और वकीलों के चैंबर नहीं बन जाते, तब तक शिफ्टिंग संभव नहीं है।
जिले में करीब 5500 वकील पंजीकृत हैं और बार काउंसिल के नियमों के अनुसार लगभग 250 चैंबर की जरूरत है। नई जमीन मिलने के बाद ही यह सुविधा विकसित की जा सकेगी।
नए भवन में आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं, जिसमें दो बेसमेंट, मालखाना, कैदी कक्ष, सभागार, लाइब्रेरी, लिफ्ट और 100 गाड़ियों की पार्किंग शामिल है। साथ ही पुराने और नए भवन को जोड़ने के लिए फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा।
जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि जमीन के प्रस्ताव को सरकार को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही विस्तार कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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