जयपुर में ₹50 लाख रिश्वत मांगने का आरोपी पटवारी 10 महीने बाद गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर में जमीन के नामांतरण के बदले कथित रूप से ₹50 लाख की रिश्वत मांगने के मामले में फरार चल रहे आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। ACB के अनुसार आरोपी करीब 10 महीने से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। मामले में पहले कथित बिचौलिए को ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी पूरे प्रकरण और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
नामांतरण के बदले ₹50 लाख रिश्वत मांगने का आरोप
ACB के अनुसार मामला जयपुर के हाथोज क्षेत्र का है, जहां 10 बीघा जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया के बदले तत्कालीन पटवारी नरेंद्र मीणा पर ₹50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में कथित तौर पर यह रकम ₹30 लाख पर तय हुई। शिकायत मिलने के बाद ACB ने प्रारंभिक सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच की गई। इसके बाद एजेंसी ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की।
ट्रैप कार्रवाई में कथित बिचौलिया पकड़ा गया था
ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार रिश्वत की रकम लेने के लिए मुख्य आरोपी स्वयं नहीं पहुंचा, बल्कि कथित रूप से एक बिचौलिए को भेजा गया। कार्रवाई के दौरान ACB ने बिचौलिए को ₹5 लाख नकद और ₹25 लाख के डमी नोटों के साथ गिरफ्तार किया। हालांकि, मुख्य आरोपी को कार्रवाई की भनक लगने पर वह मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से एजेंसी उसकी लगातार तलाश कर रही थी।
करीब 10 महीने तक गिरफ्तारी से बचता रहा आरोपी
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी पटवारी करीब 10 महीने तक फरार रहा। ACB का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था। एजेंसी के मुताबिक आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बावजूद जांच टीम ने पारंपरिक सूचना तंत्र और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी।
गुप्त सूचना के आधार पर ACB ने किया गिरफ्तार
ACB अधिकारियों के अनुसार गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने आरोपी के संभावित ठिकाने पर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने सहयोग किया और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।
पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क की जांच जारी
ACB का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी भ्रष्टाचार से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, जिसमें कथित बिचौलियों की भूमिका, आर्थिक लेनदेन और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता भी शामिल है। अधिकारियों ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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