सीकर में हिस्ट्रीशीटर की हत्या का मामला, अपहरण के बाद हमले का आरोप; कई नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
राजस्थान के सीकर जिले में हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा की मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों का आरोप है कि उनका अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की गई और गंभीर हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया गया, जहां से अस्पताल ले जाने के बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या और अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी तक परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया है।
अपहरण के बाद गंभीर हालत में सड़क किनारे मिलने का आरोप
दांतारामगढ़ थाना क्षेत्र के पचार गांव निवासी बनवारीलाल मीणा रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। बाद में वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में चारणवास नाडा रोड पर मिले। परिजन उन्हें तत्काल खाचरियावास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सीकर के एसके अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने कई लोगों को बनाया नामजद आरोपी
मृतक के परिजनों ने दांतारामगढ़ थाने में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में कुछ अन्य अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के पीछे एक संगठित आपराधिक समूह का हाथ है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या और अपहरण सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पहले से जान का खतरा होने का भी दावा
परिजनों का दावा है कि बनवारीलाल मीणा को पहले से जान का खतरा था और इस संबंध में पुलिस को जानकारी भी दी गई थी। उनका कहना है कि घटना वाली रात आपातकालीन सेवा 112 पर भी सूचना दी गई थी। इन दावों की भी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि घटना के समय पुलिस की प्रतिक्रिया क्या रही और सभी तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम से इनकार
घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
पुलिस ने गठित की विशेष टीमें, जांच जारी
दांतारामगढ़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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