CJP की फिर आंदोलन की चेतावनी, FIR वापसी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर सरकार को चेतावनी दी है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका ने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
CJP ने सरकार पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में छात्रों की गिरफ्तारियां हुई हैं और कई प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई जारी है। रंका ने कहा कि आंदोलन खत्म करने से पहले सरकार ने आश्वासन दिया था कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
CJP ने सरकार के सामने मांग रखी है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं। संगठन ने गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और भविष्य में किसी भी नए मामले में कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। रंका ने कहा कि यह मांग दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस सभी पर लागू होनी चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर शुरू होगा प्रदर्शन
आशुतोष रंका ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो CJP दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने सरकार से लिखित समझौते की कॉपी भी मांगी है, जिसमें कानूनी मामलों को खत्म करने की समयसीमा स्पष्ट हो। संगठन का कहना है कि छात्रों के साथ किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
37 दिन चले आंदोलन के बाद बनी थी सहमति
NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP का जंतर-मंतर पर करीब 37 दिनों तक प्रदर्शन चला था। आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। इस दौरान परीक्षा सुधार, छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी, मुआवजा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसी मांगें सामने रखी गई थीं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बढ़ा विवाद
छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। CJP ने इसे अपनी प्रमुख मांगों में से एक की पूर्ति बताया था। हालांकि, संगठन का कहना है कि बाकी मांगों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण वह फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहा है।
सरकार पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
CJP की नई चेतावनी के बाद NEET पेपर लीक मामला एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को दोबारा तेज किया जाएगा। अब नजर सरकार के अगले कदम पर है।