जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सियासत तेज, बीजेपी ने कांग्रेस से मांगा तेलंगाना का हिसाब
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग की है। वहीं बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस को पहले तेलंगाना में युवाओं और आदिवासियों से जुड़े मामलों पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस की माफी मांग पर बीजेपी का पलटवार
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग की है। इस पर बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल केंद्र को घेरने की राजनीति कर रही है, जबकि उसे अपने राज्यों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
तेलंगाना के युवाओं के मुद्दे उठाए
बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण ने कांग्रेस से सवाल किया कि तेलंगाना में युवाओं से किए गए रोजगार के वादों का क्या हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पूछा कि चुनाव के दौरान दो लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कितनी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने राज्य के युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
आदिवासी जमीन विवाद पर भी कांग्रेस को घेरा
के. लक्ष्मण ने तेलंगाना में आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासी समुदाय की समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार उन पर ध्यान नहीं दे रही। बीजेपी सांसद ने कहा कि कांग्रेस को केंद्र सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने शासन वाले राज्यों की स्थिति पर जवाब देना चाहिए।
NEET विवाद के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई। विपक्ष इसे छात्रों के अधिकारों से जुड़ा मामला बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संसद में चर्चा को तैयार होने का दावा
केंद्र सरकार का कहना है कि वह छात्रों, परीक्षा सुधार और अन्य सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कानून को और मजबूत किया जा रहा है। वहीं विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।