जंतर-मंतर प्रदर्शन खत्म, राहुल गांधी पर BJP का निशाना; ‘क्रेडिट लेने की राजनीति’ का लगाया आरोप
दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चला प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रदर्शन का राजनीतिक लाभ लेने और “क्रेडिट की राजनीति” करने का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि केंद्र सरकार ने छात्रों के हित में कई ठोस कदम उठाए हैं और जवाबदेही भी दिखाई है।
‘सरकार ने छात्रों के हित में कई फैसले लिए’
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनके अनुसार सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद किया, छात्रों से सीधे बातचीत की, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की, सख्त कानून बनाने की दिशा में काम किया और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि सरकार ने जवाबदेही दिखाते हुए आवश्यक प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं।
राहुल गांधी पर ‘क्रेडिट पॉलिटिक्स’ का आरोप
शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे, उन पर कार्रवाई भी की है। उनके मुताबिक सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाए और जवाबदेही तय करने की दिशा में फैसले लिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकारों वाले राज्यों में हुई परीक्षा संबंधी घटनाओं पर राहुल गांधी ने उसी तरह की सख्ती की मांग नहीं की, जैसी केंद्र सरकार के मामले में करते रहे हैं।
कांग्रेस शासित राज्यों को लेकर भी उठाए सवाल
BJP प्रवक्ता ने कहा कि कुछ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उन मामलों में संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की गई। उनके अनुसार विपक्ष को सभी राज्यों के मामलों में समान मानदंड अपनाने चाहिए और केवल केंद्र सरकार को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
संसद में चर्चा की भी अपील
BJP ने राहुल गांधी से संसद में परीक्षा सुधार और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा में भाग लेने की अपील भी की। पार्टी का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर काम कर रही है। BJP का दावा है कि इस विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी छात्रों के हित में ठोस समाधान तलाशना है।