जयपुर में वीजा अवधि खत्म होने के बाद रह रहे 9 विदेशी नागरिक डिपोर्ट, सत्यापन को लेकर प्रशासन की सख्ती
राजस्थान की राजधानी जयपुर में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) जयपुर की संयुक्त कार्रवाई में नौ विदेशी नागरिकों को उनके मूल देशों के लिए डिपोर्ट किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई विदेशी नागरिक निजी मकानों में किराए पर रह रहे थे। अधिकारियों ने मकान मालिकों, होटल और होम-स्टे संचालकों को विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
संयुक्त अभियान में सामने आया अवैध निवास का मामला
एफआरआरओ से प्राप्त सूचना के आधार पर जुलाई माह में विशेष अभियान चलाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि नौ विदेशी नागरिक अपने वीजा की वैध अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहे थे। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी को उनके संबंधित देशों के लिए डिपोर्ट कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पांच थाई नागरिक समेत पांच देशों के लोग शामिल
अधिकारियों के अनुसार डिपोर्ट किए गए नौ विदेशी नागरिकों में सबसे अधिक पांच नागरिक थाईलैंड के थे। इसके अलावा युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस के एक-एक नागरिक भी शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कई लोग वीजा समाप्त होने के बाद निजी मकानों में किराए पर रह रहे थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद बिना वैध अनुमति भारत में रहना आव्रजन नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
मकान मालिकों और होटल संचालकों को जारी की गई एडवाइजरी
एफआरओ जयपुर ने आम नागरिकों, मकान मालिकों, होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे संचालकों से अपील की है कि किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने से पहले उसके पासपोर्ट और वीजा की वैधता का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। साथ ही नियमानुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन सी-फॉर्म (Form-III) भरना भी जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया सुरक्षा और कानूनी अनुपालन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स अधिनियम, 2025 के तहत वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद किसी विदेशी नागरिक को आश्रय देना या निर्धारित सी-फॉर्म जमा नहीं करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी इसी तरह की सघन जांच की जाएगी।
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