लोकसभा में आज पेश होगा सार्वजनिक परीक्षा कानून संशोधन विधेयक, परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की तैयारी
देश में सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार सोमवार को अहम कदम उठाने जा रही है। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन के लिए नया विधेयक पेश करने की अनुमति मांगेंगे। यदि सदन से अनुमति मिलती है, तो सरकार इसी सत्र में इस विधेयक पर चर्चा और पारित कराने का भी प्रस्ताव रख सकती है।
परीक्षा कानून को और प्रभावी बनाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों, संगठित नकल और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने वाले मौजूदा कानून को और अधिक प्रभावी बनाना है। संशोधन के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और युवाओं का भरोसा और मजबूत होगा।
विधेयक पेश होने के बाद पारित कराने का भी प्रस्ताव
संसदीय कार्यसूची के अनुसार, डॉ. जितेंद्र सिंह पहले विधेयक पेश करने की अनुमति मांगेंगे। यदि लोकसभा इसकी अनुमति देती है, तो सरकार इसी विधेयक पर चर्चा कर उसे पारित कराने का प्रस्ताव भी सदन के समक्ष रखेगी। इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद अपनी राय रख सकते हैं। विधेयक पर अंतिम निर्णय संसद की कार्यवाही और सदन की सहमति के बाद होगा।
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परीक्षा सुधारों पर सरकार का जोर
सरकार हाल के वर्षों में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर लगातार जोर देती रही है। इसी क्रम में सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े कानूनों को मजबूत करने और तकनीकी उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में कई पहलें की गई हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना और अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रखना उसकी प्राथमिकता है। प्रस्तावित संशोधन भी इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
संसद में चर्चा पर रहेगी नजर
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर होने वाली चर्चा में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विषय का सीधा संबंध देश के करोड़ों विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से है। अब सभी की नजर लोकसभा की कार्यवाही पर रहेगी कि सदन इस संशोधन विधेयक पर क्या निर्णय लेता है और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इसमें क्या नए प्रावधान शामिल किए जाते हैं।