जयपुर में वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर 9 विदेशी महिलाएं डिपोर्ट, स्पा सेंटरों पर कार्रवाई तेज
राजस्थान की राजधानी जयपुर में विदेशी नागरिकों के वीजा नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) की संयुक्त कार्रवाई में वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद शहर में रह रही 9 विदेशी महिलाओं को उनके देशों के लिए डिपोर्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आव्रजन नियमों के उल्लंघन के मामलों में की गई है। साथ ही होटल संचालकों, गेस्ट हाउस और मकान मालिकों को विदेशी नागरिकों के सत्यापन और सी-फॉर्म भरने को लेकर सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
स्पा सेंटरों की जांच में सामने आया मामला
एफआरआरओ को मिली सूचना और स्थानीय पुलिस से प्राप्त इनपुट के आधार पर जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित स्पा और वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वहां कार्यरत कुछ विदेशी महिलाओं के पासपोर्ट और वीजा दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार 9 महिलाओं के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी, लेकिन वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना भारत में रह रही थीं। इसके बाद नियमानुसार उन्हें हिरासत में लेकर आगे की आव्रजन प्रक्रिया पूरी की गई।
कई देशों की नागरिकों पर हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार डिपोर्ट की गई महिलाओं में पांच नागरिक थाईलैंड की हैं। इसके अलावा युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस की एक-एक महिला भी शामिल है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अधिकांश महिलाएं टूरिस्ट या शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आई थीं। जांच में वीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी उनके जयपुर में रहने की बात सामने आई। संबंधित मामलों में आव्रजन नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।
मकान मालिकों और होटल संचालकों के लिए जारी हुई डवाइजरी
विदेशी पंजीकरण अधिकारी (FRO) धर्मेंद्र सागर ने कार्रवाई के बाद शहर के होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे संचालकों और मकान मालिकों को विशेष सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने या किराए पर आवास देने से पहले उसके मूल पासपोर्ट और वीजा की वैधता की जांच करना आवश्यक है। साथ ही विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना ऑनलाइन सी-फॉर्म (C-Form) के माध्यम से निर्धारित पोर्टल पर दर्ज करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई होटल, गेस्ट हाउस या मकान मालिक बिना वैध दस्तावेजों की जांच किए या सी-फॉर्म जमा किए विदेशी नागरिक को ठहराता है, तो उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एफआरआरओ ने संकेत दिया है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और वीजा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे विदेशी नागरिकों को किराए पर स्थान उपलब्ध कराने से पहले सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन अवश्य करें।
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