#क्राइम #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

भरत तिवारी मामला फिर चर्चा में: जवइनियां में जलभराव और राजनीतिक बयानबाजी से गरमाई बिहार की सियासत

बिहार के चर्चित भरत तिवारी मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच भाजपा और जनसुराज के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी दौरान भोजपुर जिले के जवइनियां गांव में जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद भरत तिवारी द्वारा उठाए गए विकास संबंधी मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़े कई आरोप और दावे अलग-अलग पक्षों की ओर से किए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा और जनसुराज के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के बीच भाजपा सांसद और स्टार प्रचारक मनोज तिवारी ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, भरत तिवारी की मां ने भी एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में इसी तरह के आरोप लगाए। वहीं, जनसुराज की ओर से इस मुद्दे पर अपनी अलग राजनीतिक और सामाजिक राय सामने रखी जा रही है। चुनावी माहौल में यह मामला अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो गया है।

जवइनियां गांव में जलभराव से फिर उठे विकास के सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित जवइनियां गांव में व्यापक जलभराव दिखाई दे रहा है। यह वही पुनर्वास बस्ती है जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों को बसाया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह नहीं हो पाए और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं अधूरी रह गईं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद गांव में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है और दैनिक जीवन भी कठिन हो गया है। इन दावों की प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग जांच और समीक्षा जारी है।

इसे भी पढ़ें-बांकीपुर उपचुनाव: वायरल वीडियो को लेकर तेजस्वी यादव का भाजपा पर हमला, चुनावी माहौल हुआ गर्म

भरत तिवारी की मौत के बाद लगातार बना रहा विवाद

17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत के बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया था। परिजनों और समर्थकों ने इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था, जबकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया था। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने पुनर्वास कॉलोनी में भूमि के दस्तावेज सौंपने और बिजली, पेयजल तथा आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। वहीं, राज्य सरकार ने मामले के प्रशासनिक पहलुओं पर भी कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी का तबादला किया था।

ग्रामीणों ने विकास कार्यों पर उठाए सवाल

जवइनियां गांव के कई ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मिट्टी भराई और जल निकासी जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। उनका दावा है कि भरत तिवारी लगातार इन मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाते रहे थे। अब गांव में फिर से पानी भरने के बाद स्थानीय लोग विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल यह मामला विकास, कानून-व्यवस्था और चुनावी राजनीति—तीनों के केंद्र में बना हुआ है।

https://x.com/stvnewsonline

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *