राजस्थान में ड्रोन से हेरोइन तस्करी का कथित नेटवर्क बेनकाब, पति-पत्नी समेत कई आरोपी गिरफ्त में
राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में कथित ड्रोन आधारित हेरोइन तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में एक पति-पत्नी की अहम भूमिका सामने आई है, जो पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ मंगवाकर पंजाब तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। जांच के दौरान दुबई के हवाला नेटवर्क से कथित आर्थिक लेनदेन के संकेत भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पति-पत्नी पर नेटवर्क संचालित करने का आरोप
पुलिस के अनुसार समेजा कोठी थाना क्षेत्र के सलेमपुरा निवासी जसविंद्र सिंह उर्फ जस्सी और उसकी पत्नी नवजोत कौर उर्फ ज्योति इस कथित तस्करी नेटवर्क के प्रमुख किरदार हैं। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि दोनों ने पिछले तीन महीनों के दौरान पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से 80 किलो से अधिक हेरोइन मंगवाकर पंजाब के तस्करों तक पहुंचाई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे का अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। मामले की जांच कई पहलुओं से आगे बढ़ाई जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
इस मामले का खुलासा स्थानीय पुलिस की सूचना प्रणाली के जरिए हुआ। पुलिस के अनुसार 27 जून को पाकिस्तान से नई खेप आने की सूचना मिलने के बाद जैतसर और श्रीगंगानगर सदर थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जस्सी और उसके सहयोगी धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्बू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 किलो हेरोइन और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। दूसरी ओर समेजा कोठी थाना पुलिस ने नवजोत कौर को भी कार्रवाई के दौरान 500 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कथित दुबई हवाला कनेक्शन
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को इस कथित नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार हवाला कारोबारी हरप्रीत सिंह उर्फ टेंजी से पूछताछ में पता चला कि पाकिस्तान से मादक पदार्थ की खेप मंगवाने के लिए अग्रिम भुगतान हवाला के जरिए दुबई भेजा जाता था और वहां से रकम पाकिस्तान तक पहुंचती थी। पुलिस ने इस मामले में कथित मुख्य सप्लायर अमरजीत सिंह उर्फ अम्बी उर्फ सरपंच और सिमरजीत सिंह उर्फ सिमर को भी गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। फिलहाल पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी है।
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ड्रोन सप्लाई चेन और नेटवर्क की परतें खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रोन के जरिए कथित तस्करी के लिए किन-किन सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल किया गया, पंजाब तक सप्लाई चेन कैसे संचालित होती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक, हवाला नेटवर्क और अंतरराज्यीय सप्लाई सिस्टम का एक साथ इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और संभावित अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
सीमा सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा मामला
श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीशंकर के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्र में पहली बार पति-पत्नी द्वारा कथित रूप से संचालित इस तरह का संगठित नेटवर्क सामने आया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने ड्रोन के माध्यम से कई बार खेप मंगवाने की बात स्वीकार की है, हालांकि इन दावों का सत्यापन जांच के दौरान किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में ऐसे नेटवर्क की सक्रियता केवल मादक पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर चिंता का विषय है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।